लिट्टीपाड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
सुशीला हासदा (JMM(S)) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 39.9% वोट पाकर लिट्टीपाड़ा सीट जीती और फिलिच्यानुस हेम्ब्रम (INC) को 5,517 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 150 देवघर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 150 भागलपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुशीला हासदा JMM(S) | JMM(S) | 30,43639.9% |
| 2 | फिलिच्यानुस हेम्ब्रम | 24,91932.7% | |
| 3 | सोम मरांडी | 9,36612.3% | |
| 4 | जितेन्द्र मालतो निर्दलीय | निर्दलीय | 5,2206.8% |
| 5 | ख्रिस्तो चन्द्र मालतो जनता दल | जनता दल | 2,4523.2% |
| 6 | प्रकाश बास्की निर्दलीय | निर्दलीय | 7961.0% |
| 7 | फोगुलाल किस्कू | 7701.0% | |
| 8 | सत्य शिक्षानंद मुर्मू निर्दलीय | निर्दलीय | 7321.0% |
| 9 | सुरेश मुर्मू निर्दलीय | निर्दलीय | 6270.8% |
| 10 | हरा रैमन बेसरा निर्दलीय | निर्दलीय | 3170.4% |
| 11 | लीलू हेम्ब्रम निर्दलीय | निर्दलीय | 3110.4% |
| 12 | रेवती महारानी निर्दलीय | निर्दलीय | 2940.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.48 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लिट्टीपाड़ा से कौन जीता, 1977–2000
JMM(S) ने यह सीट JMM से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JMM(S) की पहली जीत थी। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 47.9% से बढ़कर 59.1% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट JMM ने जीती।