पाकुड़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
बेनी प्रसाद गुप्ता (BJP) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 25.0% वोट पाकर पाकुड़ सीट जीती और आलमगीर आलम (INC) को 1,808 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 151 जरमुंडी थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 151 गोपालपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पाकुड़ का फ़ैसला सिर्फ़ 1.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,808 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
29 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बेनी प्रसाद गुप्ता | 28,27825.0% | |
| 2 | आलमगीर आलम | 26,47023.4% | |
| 3 | कृष्ण कान्त मंडल वाम दल | वाम दल | 18,65316.5% |
| 4 | जुल्हास मंडल JMM(S) | JMM(S) | 10,1268.9% |
| 5 | मो. इकबाल निर्दलीय | निर्दलीय | 7,9617.0% |
| 6 | सेख बसीरुद्दीन जनता दल | जनता दल | 6,8696.1% |
| 7 | पंचानन सिंह BPP | BPP | 3,4653.1% |
| 8 | अबुल हसन | 1,4381.3% | |
| 9 | प्रदीप कुमार उपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1101.0% |
| 10 | सागो यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0931.0% |
| 11 | बन्नालाल खेमानी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0770.9% |
| 12 | ए. कदीर | 1,0260.9% | |
| 13 | मदन मोहन डोकानिया निर्दलीय | निर्दलीय | 8080.7% |
| 14 | नईम अख्तर निर्दलीय | निर्दलीय | 6680.6% |
| 15 | वोकदार शेख समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 6420.6% |
| 16 | संतोष कुमार आर्य CSP-JSD | CSP-JSD | 6130.5% |
| 17 | मो. अब्दुल्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 4300.4% |
| 18 | महावीर तुरी JMM(M) | JMM(M) | 4000.3% |
| 19 | राधे श्याम भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 3810.3% |
| 20 | राजकुमार भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 3700.3% |
| 21 | गजो साहा निर्दलीय | निर्दलीय | 3550.3% |
| 22 | मतीउर रहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 2280.2% |
| 23 | आनन्द तुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1520.1% |
| 24 | सहदेव केवेट निर्दलीय | निर्दलीय | 1300.1% |
| 25 | सुरेन्द्र कुमार उपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 970.1% |
| 26 | शंकर प्रसाद जायसवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 920.1% |
| 27 | मनसुर रहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 890.1% |
| 28 | अनीस खान निर्दलीय | निर्दलीय | 830.1% |
| 29 | अशोक कुमार भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 770.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 65% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पाकुड़ से कौन जीता, 1977–2000
BJP ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 30.8% से घटकर 25.0% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 59.0% से बढ़कर 67.8% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।