गोपालपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2005
नरेन्द्र कु. नीरज (JD(U)) ने 2005 के विधान सभा चुनाव में 50.1% वोट पाकर गोपालपुर सीट जीती और अमित राणा (RJD) को 15,012 वोटों से हराया।
झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2000 में सीट नंबर 151 पाकुड़ थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 151 परबत्ता है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — नरेन्द्र कु. नीरज 15.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नरेन्द्र कु. नीरज NDA | NDA | 48,04950.1% |
| 2 | अमित राणा | 33,03734.5% | |
| 3 | राजेन्द्र प्रसाद शर्मा | 8,4938.9% | |
| 4 | अनमरेश कुमार PTSS | PTSS | 3,3373.5% |
| 5 | विन्देश्वरी मंडल CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 1,7801.9% |
| 6 | राम विलास पासवान | 1,1851.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD(U), RJD और LJP को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.64 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गोपालपुर से कौन जीता, 2005
JD(U) ने यह सीट RJD से छीन ली, जिसने इसे 2005 (फ़रवरी) में जीता था। मतदान प्रतिशत 2005 (फ़रवरी) के 53.7% से घटकर 45.4% रह गया।
- 2005 (फ़रवरी)अमित राणा (RJD), जीत का अंतर 11.6%
- 2005 (अक्टूबर)नरेन्द्र कु. नीरज (JD(U)), जीत का अंतर 15.7%