पाकुड़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
आलमगीर आलम (INC) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 44.0% वोट पाकर पाकुड़ सीट जीती और वेणी प्रसाद गुप्ता (BJP) को 14,185 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 151 जरमुंडी थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 151 गोपालपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आलमगीर आलम | 49,21844.0% | |
| 2 | वेणी प्रसाद गुप्ता NDA | NDA | 35,03331.3% |
| 3 | मोहम्मद इकबाल | 18,76716.8% | |
| 4 | श्याम यादव | 6,7066.0% | |
| 5 | मो. इकबाल | 1,1081.0% | |
| 6 | निरंजन घोष BHJVP | BHJVP | 4230.4% |
| 7 | राज कुमार पटवारी | 3310.3% | |
| 8 | मो. रेजाउल हक BJC(R) | BJC(R) | 2040.2% |
| 9 | आनन्द तुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1090.1% |
| 10 | सुकुमार सेन निर्दलीय | निर्दलीय | 870.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पाकुड़ से कौन जीता, 1977–2000
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1995 के 67.8% से घटकर 62.8% रह गया।