पिपराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
सहदेव पासवान (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 55.9% वोट पाकर पिपरा सीट जीती और नन्दलाल चौधुरी (INC) को 34,793 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 17 मधुबन थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 17 का नाम अब भी पिपरा है, अब नई सीमाओं के साथ। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सहदेव पासवान 41.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
23 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सहदेव पासवान जनता दल | जनता दल | 46,70055.9% |
| 2 | नन्दलाल चौधुरी | 11,90714.3% | |
| 3 | तुलसी राम | 6,6157.9% | |
| 4 | सुरेश चन्द्र BPP | BPP | 6,3427.6% |
| 5 | सत्य नारायण राम | 3,4334.1% | |
| 6 | चिंतामण बैठा SJP(R) | SJP(R) | 2,1072.5% |
| 7 | रामलखन पासवान समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 2,0402.4% |
| 8 | शिवकली देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 7300.9% |
| 9 | रुदल राम | 5840.7% | |
| 10 | शत्रुघन राम आजाद CVP | CVP | 5390.7% |
| 11 | नागेश्वर राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5270.6% |
| 12 | मकेश्वर चौधुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 4750.6% |
| 13 | चिन्ता हरन पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 3160.4% |
| 14 | रामायण पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 2710.3% |
| 15 | मनोज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1930.2% |
| 16 | सुरेश कुमार रजक निर्दलीय | निर्दलीय | 1400.2% |
| 17 | शम्भू शरण पासवान | 1340.2% | |
| 18 | गुदर राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1260.1% |
| 19 | राजकिशोर हज़रा निर्दलीय | निर्दलीय | 1130.1% |
| 20 | परमानन्द पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
| 21 | कृष्ण कुमार रजक निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 22 | राम नारायण राम निर्दलीय | निर्दलीय | 550.1% |
| 23 | कैलाश बैठा निर्दलीय | निर्दलीय | 270.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD, INC और SAP को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.87 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
पूर्वी चंपारण ज़िला · 51 लाख लोग · जनगणना 2011
लीची, बैग और परिधान तथा सीप के बटन के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू80.1%
- मुस्लिम19.4%
- ईसाई0.1%
- बौद्ध<0.1%
- सिख<0.1%
- जैन<0.1%
- नहीं बताया0.3%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
1 प्रसिद्ध स्थानप्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पिपरा से कौन जीता, 1977–2005
JD ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 44.2% से बढ़कर 55.9% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1990 के 58.9% से घटकर 52.0% रह गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट RJD ने जीती।
- 1977तुलसी राम (CPI), जीत का अंतर 12.0%
- 1980नन्द लाल चौधरी (INC(I)), जीत का अंतर 29.7%
- 1985नन्द लाल चौधरी (INC), जीत का अंतर 17.1%
- 1990सहदेव पासवान (JD), जीत का अंतर 19.3%
- 1995सहदेव पासवान (JD), जीत का अंतर 41.7%
- 2000सुरेन्द्र कुमार चन्द्र (RJD), जीत का अंतर 11.5%
- 2005 (फ़रवरी)कृष्ण नन्दन पासवान (BJP), जीत का अंतर 13.4%
- 2005 (अक्टूबर)कृष्णनंदन पासवान (BJP), जीत का अंतर 11.8%