पिपराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
नन्द लाल चौधरी (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 45.3% वोट पाकर पिपरा सीट जीती और सहदेव पासवान (LKD) को 9,374 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 17 मधुबन थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 17 का नाम अब भी पिपरा है, अब नई सीमाओं के साथ। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — नन्द लाल चौधरी 17.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नन्द लाल चौधरी | 24,82345.3% | |
| 2 | सहदेव पासवान Lok Dal | Lok Dal | 15,44928.2% |
| 3 | तुलसी राम वाम दल | वाम दल | 10,96620.0% |
| 4 | सत्य नारायण राम | 2,3884.4% | |
| 5 | चिंतामन बैताह ICS | ICS | 5931.1% |
| 6 | चन्द्रदेव राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3510.6% |
| 7 | राम लखन पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 2210.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.06 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
पूर्वी चंपारण ज़िला · 51 लाख लोग · जनगणना 2011
लीची, बैग और परिधान तथा सीप के बटन के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू80.1%
- मुस्लिम19.4%
- ईसाई0.1%
- बौद्ध<0.1%
- सिख<0.1%
- जैन<0.1%
- नहीं बताया0.3%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
1 प्रसिद्ध स्थानप्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पिपरा से कौन जीता, 1977–2005
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 46.5% से बढ़कर 49.6% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1977तुलसी राम (CPI), जीत का अंतर 12.0%
- 1980नन्द लाल चौधरी (INC(I)), जीत का अंतर 29.7%
- 1985नन्द लाल चौधरी (INC), जीत का अंतर 17.1%
- 1990सहदेव पासवान (JD), जीत का अंतर 19.3%
- 1995सहदेव पासवान (JD), जीत का अंतर 41.7%
- 2000सुरेन्द्र कुमार चन्द्र (RJD), जीत का अंतर 11.5%
- 2005 (फ़रवरी)कृष्ण नन्दन पासवान (BJP), जीत का अंतर 13.4%
- 2005 (अक्टूबर)कृष्णनंदन पासवान (BJP), जीत का अंतर 11.8%