झरियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
आबो देवी (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 33.1% वोट पाकर झरिया सीट जीती और बच्चा सिंह (SJP(R)) को 3,847 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 285 जमशेदपुर पूर्व थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 285 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। आबो देवी 2.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
45 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आबो देवी जनता दल | जनता दल | 45,27133.1% |
| 2 | बच्चा सिंह SJP(R) | SJP(R) | 41,42430.3% |
| 3 | रमेश प्रसाद सिंह | 19,35514.2% | |
| 4 | महाबीर पासवान | 10,2677.5% | |
| 5 | शिबजनम कुशवाहा JMM(S) | JMM(S) | 2,7752.0% |
| 6 | प्रहलाद साव | 2,2001.6% | |
| 7 | अशोक कुमार महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1161.6% |
| 8 | सत्य नारायण पंडित निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8331.3% |
| 9 | अशोक कुमार साव CSP-JSD | CSP-JSD | 1,5131.1% |
| 10 | हरीश जोशी निर्दलीय | निर्दलीय | 9890.7% |
| 11 | संतोष सिंह BPP | BPP | 8960.7% |
| 12 | रबीन्द्र कुमार यादव | 8280.6% | |
| 13 | बुधन राम निर्दलीय | निर्दलीय | 7020.5% |
| 14 | राजेंद्र निषाद निर्दलीय | निर्दलीय | 6620.5% |
| 15 | राजेन्द्र चौहान निर्दलीय | निर्दलीय | 5260.4% |
| 16 | जितेन्द्र यादव ABJS | ABJS | 5000.4% |
| 17 | राधेश्याम गोस्वामी JPP | JPP | 4750.3% |
| 18 | मो. जाकिर हुसैन खान निर्दलीय | निर्दलीय | 4650.3% |
| 19 | राज कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3240.2% |
| 20 | सत्यदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2570.2% |
| 21 | रतन प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2450.2% |
| 22 | भोली देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 2390.2% |
| 23 | राम बालक राय निर्दलीय | निर्दलीय | 2190.2% |
| 24 | अहमद हुसैन अंसारी निर्दलीय | निर्दलीय | 2110.1% |
| 25 | मदन लाल खन्ना निर्दलीय | निर्दलीय | 1870.1% |
| 26 | रामबचन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1720.1% |
| 27 | दुर्गा प्रसाद केसरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1710.1% |
| 28 | बिजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1700.1% |
| 29 | इंद्रदेव पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 1660.1% |
| 30 | आयशा खातून निर्दलीय | निर्दलीय | 1640.1% |
| 31 | जयराम पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 1530.1% |
| 32 | बाल मुकुंद दिवाकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1430.1% |
| 33 | मंजू गोस्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 1370.1% |
| 34 | मुन्शी हेम्ब्रम निर्दलीय | निर्दलीय | 1370.1% |
| 35 | एस.एन. सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1210.1% |
| 36 | रामधारी भारती निर्दलीय | निर्दलीय | 1130.1% |
| 37 | उपेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1080.1% |
| 38 | श्री कृष्ण पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 1000.1% |
| 39 | मुनेश्वर विश्वकर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 850.1% |
| 40 | नजमुल हक निर्दलीय | निर्दलीय | 770.1% |
| 41 | केदार प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 750.1% |
| 42 | सुरेश जाजक निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
| 43 | अर्जुन निषाद | 660.1% | |
| 44 | मोहन पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 610.0% |
| 45 | बिनोद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 530.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.38 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
झरिया से कौन जीता, 1977–2000
JD ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 60.2% से घटकर 33.1% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 46.4% से बढ़कर 59.2% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट SAP ने जीती।