कांकेविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
राम चन्द्र बैठा (BJP) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 35.1% वोट पाकर कांके सीट जीती और समारी लाल (JD) को 12,004 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 308 बेड़ो थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 308 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
23 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम चन्द्र बैठा | 41,38735.1% | |
| 2 | समारी लाल जनता दल | जनता दल | 29,38324.9% |
| 3 | हरि राम | 26,02822.1% | |
| 4 | मंजू कुमारी राय | 7,2016.1% | |
| 5 | राज कुमार रवि CSP-JSD | CSP-JSD | 3,1512.7% |
| 6 | शीतल बैठा | 1,9541.7% | |
| 7 | दीपक बैठा JPP | JPP | 1,7871.5% |
| 8 | भीम महली | 1,0310.9% | |
| 9 | भुनेश्वर बैठा PSSS | PSSS | 8710.7% |
| 10 | खेतू राम नायक | 8660.7% | |
| 11 | महेन्द्र राम निर्दलीय | निर्दलीय | 7760.7% |
| 12 | रघुनाथ नायक निर्दलीय | निर्दलीय | 6400.5% |
| 13 | प्रदीप कुमार रजक JKP | JKP | 3590.3% |
| 14 | राम चन्द्र नायक निर्दलीय | निर्दलीय | 3300.3% |
| 15 | रमेश नायक JMM(M) | JMM(M) | 3150.3% |
| 16 | लक्ष्मण राम रविदास निर्दलीय | निर्दलीय | 2950.3% |
| 17 | शिव राम पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 2430.2% |
| 18 | मांगता राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2410.2% |
| 19 | सुभाष कुमार रजक निर्दलीय | निर्दलीय | 2370.2% |
| 20 | माया दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1940.2% |
| 21 | मुनेन्द्र दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1770.1% |
| 22 | राजेश पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 1600.1% |
| 23 | हरि नायक निर्दलीय | निर्दलीय | 1440.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कांके से कौन जीता, 1977–2000
BJP ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 40.5% से घटकर 35.1% रह गया। मतदान प्रतिशत 1990 के 43.7% से बढ़कर 56.6% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।