गढ़वाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
गिरिनाथ सिंह (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 27.4% वोट पाकर गढ़वा सीट जीती और श्याम नारायण दुबे (BJP) को 8,470 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 320 नहीं थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 320 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
39 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गिरिनाथ सिंह जनता दल | जनता दल | 28,45427.4% |
| 2 | श्याम नारायण दुबे | 19,98419.3% | |
| 3 | राज कुमार पाण्डेय | 10,38310.0% | |
| 4 | सिराज अहमद | 8,9658.7% | |
| 5 | रघुराई राम | 7,0956.8% | |
| 6 | राम चरित्र चौधरी समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 6,7806.5% |
| 7 | किशुन प्रसाद केशरी निर्दलीय | निर्दलीय | 5,5145.3% |
| 8 | चुल्हन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4,8314.7% |
| 9 | परीक्षित तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7951.7% |
| 10 | सुबोध कुमार | 1,3991.4% | |
| 11 | पुरुषोत्तम राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2621.2% |
| 12 | राजेन्द्र कुमार विश्वकर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 9530.9% |
| 13 | अजीत वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 9190.9% |
| 14 | जलील अहमद अंसारी SJP(R) | SJP(R) | 5910.6% |
| 15 | कैलाश प्रसाद सोनी JKP | JKP | 4620.5% |
| 16 | चन्द्रदेव महरा निर्दलीय | निर्दलीय | 4170.4% |
| 17 | उमेश पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3970.4% |
| 18 | राकेश चन्द्र प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3410.3% |
| 19 | भानु प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3350.3% |
| 20 | बिबेक कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3130.3% |
| 21 | दिलीप कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2910.3% |
| 22 | विद्या सागर राम PSSS | PSSS | 2630.3% |
| 23 | अनिल गिलानी निर्दलीय | निर्दलीय | 2090.2% |
| 24 | विनय चौबे निर्दलीय | निर्दलीय | 2020.2% |
| 25 | युगल किशोर चौबे निर्दलीय | निर्दलीय | 1870.2% |
| 26 | भोला सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1640.2% |
| 27 | चन्द्रशेखर दुबे निर्दलीय | निर्दलीय | 1600.1% |
| 28 | मो. जलील खलीफा निर्दलीय | निर्दलीय | 1290.1% |
| 29 | महेश पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 1210.1% |
| 30 | राम नाथ तुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1160.1% |
| 31 | श्याम नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1020.1% |
| 32 | नन्द किशोर द्विवेदी निर्दलीय | निर्दलीय | 1010.1% |
| 33 | राम सरिख चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 900.1% |
| 34 | योगेन्द्र प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 800.1% |
| 35 | विनय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 660.1% |
| 36 | आदित्य कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 570.1% |
| 37 | राम सागर उराँव निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
| 38 | अजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 500.1% |
| 39 | डॉ. महाबीर महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 400.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 57% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.90 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गढ़वा से कौन जीता, 1977–2000
JD ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1990 के 46.8% से बढ़कर 56.2% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट RJD ने जीती।