गढ़वाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
गोपिनाथ सिंह (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 29.9% वोट पाकर गढ़वा सीट जीती और युगल किशोर पाण्डेय (INC) को 759 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 320 नहीं थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 320 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
गढ़वा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 759 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गोपिनाथ सिंह | 22,08629.9% | |
| 2 | युगल किशोर पाण्डेय | 21,32728.9% | |
| 3 | सिराध अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 15,42720.9% |
| 4 | जय प्रकाश मिंज IPF | IPF | 3,0174.1% |
| 5 | चुल्हन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9374.0% |
| 6 | विनोद दीक्षित राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 2,6023.5% |
| 7 | बृजेश कुमार सिंह JNP(JP) | JNP(JP) | 9301.3% |
| 8 | कमलेश प्रसाद केसरी निर्दलीय | निर्दलीय | 7101.0% |
| 9 | केदारनाथ यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 6860.9% |
| 10 | जीतन उरांव निर्दलीय | निर्दलीय | 6430.9% |
| 11 | राम सागर माहरा निर्दलीय | निर्दलीय | 5910.8% |
| 12 | राम सागर उरांव निर्दलीय | निर्दलीय | 5600.8% |
| 13 | लक्ष्मी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4460.6% |
| 14 | नन्द कुमार पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 3510.5% |
| 15 | कृष्णा मुरारी केशरी निर्दलीय | निर्दलीय | 3510.5% |
| 16 | मोहन सिंह | 2800.4% | |
| 17 | रामेश्वर प्रसाद केशरी निर्दलीय | निर्दलीय | 2650.4% |
| 18 | राम राज दुबे उर्फ़ एफ़. राजेश गांधी निर्दलीय | निर्दलीय | 1840.3% |
| 19 | बसंत कुमार केशरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1700.2% |
| 20 | शिव शंकर तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1580.2% |
| 21 | भिरगू नाथ चौबे निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
| 22 | अस्वधेश राम निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.51 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गढ़वा से कौन जीता, 1977–2000
BJP ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 25.2% से बढ़कर 29.9% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 41.0% से बढ़कर 46.8% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।