घोड़ासहनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
लाल बाबू प्रसाद (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 33.1% वोट पाकर घोड़ासहन सीट जीती और राज कु प्रसाद (INC) को 19,867 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 15 ढाका थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 15 केसरिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — लाल बाबू प्रसाद 20.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | लाल बाबू प्रसाद जनता दल | जनता दल | 32,11233.1% |
| 2 | राज कु प्रसाद | 12,24512.6% | |
| 3 | कामेश्वर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 10,86011.2% |
| 4 | प्रमोद कु सिंह BPP | BPP | 10,22410.5% |
| 5 | लक्ष्मी ना. प्रसाद यादव समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 8,6068.9% |
| 6 | नवल किशोर यादव | 7,4937.7% | |
| 7 | हरीश चन्द्र सिंह | 5,8106.0% | |
| 8 | राजेश्वर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8891.9% |
| 9 | प्रमोद कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8791.9% |
| 10 | शंभू प्रसाद यादव | 1,4461.5% | |
| 11 | नन्द कु प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 9771.0% |
| 12 | रामचंद्र साह | 8560.9% | |
| 13 | मनोज कु जायसवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5660.6% |
| 14 | विनोद कु सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4600.5% |
| 15 | खुरसाद साह निर्दलीय | निर्दलीय | 3890.4% |
| 16 | संजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2470.3% |
| 17 | मो. जाफर आलम निर्दलीय | निर्दलीय | 2060.2% |
| 18 | सुबंश राय निर्दलीय | निर्दलीय | 2050.2% |
| 19 | अर्जुन प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.1% |
| 20 | फूलेना सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1430.1% |
| 21 | राजेन्द्र राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1370.1% |
| 22 | हरि शंकर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1090.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 57% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.96 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
घोड़ासहन से कौन जीता, 1977–2005
JD ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 61.0% से घटकर 33.1% रह गया। मतदान प्रतिशत 1990 के 63.0% से घटकर 55.9% रह गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट JD(U) ने जीती।
- 1977राजेन्द्र प्रताप सिंह (INC), जीत का अंतर 0.3%
- 1980राजेन्द्र प्रताप सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 9.3%
- 1985प्रमोद कुमार सिंह (INC), जीत का अंतर 8.1%
- 1990लाल बाबू प्रसाद (JD), जीत का अंतर 42.5%
- 1995लाल बाबू प्रसाद (JD), जीत का अंतर 20.5%
- 2000लक्ष्मी ना. प्रसाद यादव (JD(U)), जीत का अंतर 20.1%
- 2005 (फ़रवरी)लक्ष्मी नारायण प्रसाद यादव (RJD), जीत का अंतर 9.7%
- 2005 (अक्टूबर)लक्ष्मी नारायण प्रसाद यादव (RJD), जीत का अंतर 0.8%