बोरियोविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
लोबिन हेम्ब्रम (निर्दलीय) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 26.7% वोट पाकर बोरियो सीट जीती और मानिन्द्र हासदा (BJP) को 9,603 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 148 सारठ थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 148 कहलगांव है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | लोबिन हेम्ब्रम निर्दलीय | निर्दलीय | 24,30526.7% |
| 2 | मानिन्द्र हासदा | 14,70216.1% | |
| 3 | ताला मरांडी | 14,00115.4% | |
| 4 | बैंजामिन मुर्मू जनता दल | जनता दल | 13,59914.9% |
| 5 | जोहन हेम्ब्रम JMM(S) | JMM(S) | 11,01812.1% |
| 6 | सिमोल मालतो निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6214.0% |
| 7 | जुवाल मालतो निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1383.5% |
| 8 | अनुपम कुमार समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 2,3042.5% |
| 9 | प्रेम चन्द किस्कू JMM(M) | JMM(M) | 1,7431.9% |
| 10 | ज्ञानदेव टुडू | 1,1321.2% | |
| 11 | पंडरी सैलन कुजूर निर्दलीय | निर्दलीय | 5240.6% |
| 12 | चन्द्र किस्कू निर्दलीय | निर्दलीय | 4980.6% |
| 13 | भगवान लाल मुर्मू | 4570.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 58% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बोरियो से कौन जीता, 1977–2000
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट JMM से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 46.5% से बढ़कर 58.3% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट JMM ने जीती।