नोखाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
आनन्द मोहन सिंह (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 34.0% वोट पाकर नोखा सीट जीती और गोपाल नारायण सिंह (BJP) को 21,081 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 234 कुर्था थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 234 गुरुआ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — आनन्द मोहन सिंह 19.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
41 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आनन्द मोहन सिंह जनता दल | जनता दल | 37,60234.0% |
| 2 | गोपाल नारायण सिंह | 16,52115.0% | |
| 3 | परमानन्द सिंह | 13,33612.1% | |
| 4 | रामअवध सिंह | 11,51010.4% | |
| 5 | रामजी चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 8,2227.4% |
| 6 | अमरेन्द्र प्रसाद सिंह समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 6,8496.2% |
| 7 | शिवनारायण सिंह | 5,0944.6% | |
| 8 | अशोक धोबी निर्दलीय | निर्दलीय | 4,5044.1% |
| 9 | कृष्णा सिंह वाम दल | वाम दल | 1,1141.0% |
| 10 | रामाधार राय BPP | BPP | 8160.7% |
| 11 | लालसरन सिंह SJP(R) | SJP(R) | 6570.6% |
| 12 | रामाश्रय राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3860.3% |
| 13 | कृष्णा प्रताप प्रभाकर निर्दलीय | निर्दलीय | 3140.3% |
| 14 | मुनमुन दुबे निर्दलीय | निर्दलीय | 2790.3% |
| 15 | शेष नाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2510.2% |
| 16 | कुमार महेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2300.2% |
| 17 | मंजू चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1970.2% |
| 18 | रामगोबिंद साह निर्दलीय | निर्दलीय | 1770.2% |
| 19 | भारत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1680.1% |
| 20 | मनोज सिंह कुशवाहा निर्दलीय | निर्दलीय | 1640.1% |
| 21 | रामदास सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.1% |
| 22 | मदन सिंह नोखा निर्दलीय | निर्दलीय | 1410.1% |
| 23 | बिनोद कु. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1410.1% |
| 24 | मदन सिंह खैरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1410.1% |
| 25 | राम जी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.1% |
| 26 | इंद्रदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.1% |
| 27 | बिहारी चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1330.1% |
| 28 | मो. शमशाद अली निर्दलीय | निर्दलीय | 1310.1% |
| 29 | राम प्रवेश राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1100.1% |
| 30 | नागेन्द्र सिंह | 1050.1% | |
| 31 | बीरेन्द्र कु. पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 1040.1% |
| 32 | सुरेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1040.1% |
| 33 | रामचंद्र साह निर्दलीय | निर्दलीय | 960.1% |
| 34 | बिमलेश राय निर्दलीय | निर्दलीय | 880.1% |
| 35 | रामपूजन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
| 36 | ओम प्रकाश अवतार | 620.1% | |
| 37 | ललन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 520.1% |
| 38 | अमरेश चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 500.1% |
| 39 | जगनारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 370.0% |
| 40 | राजेन्द्र राम निर्दलीय | निर्दलीय | 340.0% |
| 41 | रणविजय सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 240.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 61% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.64 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नोखा से कौन जीता, 1977–2000
JD ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 36.5% से घटकर 34.0% रह गया। मतदान प्रतिशत 1990 के 61.7% से बढ़कर 63.1% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।