मसौढ़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
गणेश पी.आर. सिंह (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 42.2% वोट पाकर मसौढ़ी सीट जीती और पूनम देवी (INC) को 22,230 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 205 पटना पूर्व थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 205 पीरो है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — गणेश पी.आर. सिंह 17.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
24 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गणेश पी.आर. सिंह जनता दल | जनता दल | 53,51242.2% |
| 2 | पूनम देवी | 31,28224.7% | |
| 3 | कृष्णदेव यादव CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 22,58817.8% |
| 4 | निहोरा प्रसाद यादव | 6,6075.2% | |
| 5 | विश्वनाथ प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 4,8853.9% |
| 6 | नवल किशोर शर्मा SJP(R) | SJP(R) | 1,8681.5% |
| 7 | प्रभावती कुमारी | 1,3221.0% | |
| 8 | नवल कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0490.8% |
| 9 | रामाशीष प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 7510.6% |
| 10 | राम प्रवेश प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 6820.5% |
| 11 | राम नरेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3820.3% |
| 12 | कमलेश शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 3270.3% |
| 13 | नरोतन कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1910.1% |
| 14 | अनिल कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1810.1% |
| 15 | अजीत कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1770.1% |
| 16 | रामजीवन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1550.1% |
| 17 | अमरनाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1430.1% |
| 18 | गोपी शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.1% |
| 19 | राम लाला सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1230.1% |
| 20 | नन्द किशोर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 960.1% |
| 21 | रामजीवन प्रसाद ICS | ICS | 850.1% |
| 22 | अबूजावेद अंसारी निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
| 23 | चंदरकेट सिंह चन्देल निर्दलीय | निर्दलीय | 610.1% |
| 24 | हरेंद्र कुमार पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 450.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.63 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मसौढ़ी से कौन जीता, 1977–2000
JD ने यह सीट IPF से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1990 के 67.8% से घटकर 64.5% रह गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट RJD ने जीती।