मसौढ़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
योगेश्वर गोप (IPF) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 22.7% वोट पाकर मसौढ़ी सीट जीती और पूनम देवी (INC) को 966 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 205 पटना पूर्व थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 205 पीरो है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
मसौढ़ी का फ़ैसला सिर्फ़ 0.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 966 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
30 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | योगेश्वर गोप IPF | IPF | 31,14222.7% |
| 2 | पूनम देवी | 30,17622.0% | |
| 3 | धर्मेन्द्र प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 28,67220.9% |
| 4 | लखन देव प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 19,69614.3% |
| 5 | धर्मेन्द्र प्रसाद सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 9,7587.1% |
| 6 | हरि शंकर शर्मा वाम दल | वाम दल | 3,8412.8% |
| 7 | अरुण कुमार यादव | 3,4892.5% | |
| 8 | सुशील कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8482.1% |
| 9 | सूर्यदव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6591.2% |
| 10 | अर्जुन राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3181.0% |
| 11 | मुन्द्रिका चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 7630.6% |
| 12 | मोती लाल प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 7400.5% |
| 13 | राम नाथ तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 5720.4% |
| 14 | चन्द्र केत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4560.3% |
| 15 | श्याम नारायण प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4430.3% |
| 16 | जय राम शर्मा ABJS | ABJS | 3800.3% |
| 17 | अमर नाथ गोस्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 3600.3% |
| 18 | मोहम्मद जफर निर्दलीय | निर्दलीय | 1570.1% |
| 19 | राम नरेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1310.1% |
| 20 | बाबू नन्द सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1020.1% |
| 21 | देव नारायण दास निर्दलीय | निर्दलीय | 960.1% |
| 22 | राम वरण प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 790.1% |
| 23 | राम लखन यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 770.1% |
| 24 | लाल बाबू प्रसाद LKD(B) | LKD(B) | 690.1% |
| 25 | राम नन्दन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
| 26 | देव नाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 560.0% |
| 27 | राम जतन प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 550.0% |
| 28 | राम शोभित सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 520.0% |
| 29 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 440.0% |
| 30 | अखिलेश्वर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 300.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 66% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मसौढ़ी से कौन जीता, 1977–2000
IPF ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह IPF की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 53.6% से बढ़कर 67.8% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।