मीरगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
विश्वनाथ सिंह (CPM) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 40.0% वोट पाकर मीरगंज सीट जीती और प्रभुदयाल सिंह (INC) को 21,358 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 23 कुचायकोट थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 23 रीगा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — विश्वनाथ सिंह 20.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विश्वनाथ सिंह वाम दल | वाम दल | 41,38040.0% |
| 2 | प्रभुदयाल सिंह | 20,02219.4% | |
| 3 | अब्दुल समद | 9,0358.7% | |
| 4 | ब्रजनंदन जायसवाल | 8,1517.9% | |
| 5 | रमेश सिंह कुशवाहा CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 4,9784.8% |
| 6 | बलराम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4,5024.4% |
| 7 | ऋषिदेव चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2183.1% |
| 8 | बालेश्वर प्रसाद | 2,5742.5% | |
| 9 | राघव किशोर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1701.1% |
| 10 | सुग्रीव चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0051.0% |
| 11 | रामचंद्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8640.8% |
| 12 | तीर्थराज सिंह | 7360.7% | |
| 13 | एम. जिकुलाह निर्दलीय | निर्दलीय | 6700.7% |
| 14 | केशव तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 6630.6% |
| 15 | द्वारिका प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 5690.6% |
| 16 | राम चन्द्र यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 5170.5% |
| 17 | दया शंकर मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 4020.4% |
| 18 | फुलेना महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 3860.4% |
| 19 | सुदामा प्रसाद राय समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 3830.4% |
| 20 | किशुनदेव चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 3670.4% |
| 21 | काशिनाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3420.3% |
| 22 | रामप्रवेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3410.3% |
| 23 | ओम प्रकाश पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 3380.3% |
| 24 | राजेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2750.3% |
| 25 | मृतंजय मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 2580.3% |
| 26 | राम प्रवेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2130.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 68% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.58 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मीरगंज से कौन जीता, 1977–2005
CPM ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह CPM की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1990 के 69.3% से घटकर 55.0% रह गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट SAP ने जीती।
- 1977भावेश चन्द्र प्रसाद (JNP), जीत का अंतर 9.9%
- 1980राज मंगल मिश्रा (JNP(JP)), जीत का अंतर 17.2%
- 1985प्रभुदयाल सिंह (INC), जीत का अंतर 4.4%
- 1990प्रभु दयाल सिंह (IND), जीत का अंतर 1.2%
- 1995विश्वनाथ सिंह (CPM), जीत का अंतर 20.7%
- 2000प्रभु दयाल सिंह (SAP), जीत का अंतर 22.6%
- 2005 (फ़रवरी)रामसेवक सिंह (JD(U)), जीत का अंतर 7.6%
- 2005 (अक्टूबर)रामसेवक सिंह (JD(U)), जीत का अंतर 8.3%