मीनापुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
हिन्द केशरी यादव (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 38.8% वोट पाकर मीनापुर सीट जीती और सकल देव सहनी (INC) को 19,890 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 63 गायघाट थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 63 कटिहार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — हिन्द केशरी यादव 19.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हिन्द केशरी यादव जनता दल | जनता दल | 40,50738.8% |
| 2 | सकल देव सहनी | 20,61719.8% | |
| 3 | जनकधारी प्रसाद कुशवाहा निर्दलीय | निर्दलीय | 14,01413.4% |
| 4 | चन्देश्वर प्रसाद BPP | BPP | 9,2008.8% |
| 5 | राजा राम प्रसाद सिंह | 7,8567.5% | |
| 6 | राजेश्वर प्रसाद सिंह भिखारी | 2,1712.1% | |
| 7 | दिवाकर सिंह SJP(R) | SJP(R) | 1,3491.3% |
| 8 | वीरेन्द्र प्रसाद यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2471.2% |
| 9 | महेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0391.0% |
| 10 | वैद्यनाथ ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 8350.8% |
| 11 | मोहम्मद जलाउद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 7890.8% |
| 12 | रूपनारायण साह निर्दलीय | निर्दलीय | 7660.7% |
| 13 | ठगा भक्त निर्दलीय | निर्दलीय | 7340.7% |
| 14 | लक्ष्मण ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 5230.5% |
| 15 | लाल बहादुर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3880.4% |
| 16 | ब्रजकिशोर राय निर्दलीय | निर्दलीय | 3790.4% |
| 17 | जगदीश साह निर्दलीय | निर्दलीय | 2930.3% |
| 18 | अंजनी कुमार दास निर्दलीय | निर्दलीय | 2920.3% |
| 19 | ब्रह्मदेव राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2770.3% |
| 20 | सुरेश राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2630.3% |
| 21 | संजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2460.2% |
| 22 | रणधीर कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2070.2% |
| 23 | सुरेन्द्र कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.1% |
| 24 | राम बिनोद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.1% |
| 25 | राम सजीवन राय निर्दलीय | निर्दलीय | 980.1% |
| 26 | राम कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 450.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 72% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.50 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मीनापुर से कौन जीता, 1977–2005
JD ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 41.3% से घटकर 38.8% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1990 के 73.4% से घटकर 65.5% रह गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1977नागेन्द्र प्रसाद सिंह (JNP), जीत का अंतर 5.2%
- 1980जनकधारी प्रसाद कुशवाहा (CPI), जीत का अंतर 7.3%
- 1985हिन्द केशरी यादव (LKD), जीत का अंतर 4.3%
- 1990हिन्द केशरी यादव (JD), जीत का अंतर 12.0%
- 1995हिन्द केशरी यादव (JD), जीत का अंतर 19.1%
- 2000दिनेश प्रसाद (IND), जीत का अंतर 2.6%
- 2005 (फ़रवरी)हिन्द केशरी यादव (RJD), जीत का अंतर 1.9%
- 2005 (अक्टूबर)दिनेश प्रसाद (JD(U)), जीत का अंतर 11.9%