सुल्तानगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
फणीन्द्र चौधरी (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 36.3% वोट पाकर सुल्तानगंज सीट जीती और गणेश पासवान (SAP) को 19,058 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 171 जमुई थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 171 सिकन्दरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — फणीन्द्र चौधरी 15.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | फणीन्द्र चौधरी जनता दल | जनता दल | 45,53836.3% |
| 2 | गणेश पासवान | 26,48021.1% | |
| 3 | अम्बिका प्रसाद | 23,51318.8% | |
| 4 | सरस्वती कुमार | 11,9159.5% | |
| 5 | दिलीप पासवान | 6,1985.0% | |
| 6 | राघो चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0522.4% |
| 7 | योगेन्द्र पासवान BPP | BPP | 2,9682.4% |
| 8 | विष्णु देव राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3971.1% |
| 9 | विजय भूषण चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 8160.7% |
| 10 | रामानुज कुमार दास समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 6950.6% |
| 11 | रसीक लाल मांझी निर्दलीय | निर्दलीय | 5620.5% |
| 12 | विंधवासिनी देवी SJP(R) | SJP(R) | 2960.2% |
| 13 | उमेश पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 2680.2% |
| 14 | घनश्याम दास निर्दलीय | निर्दलीय | 2500.2% |
| 15 | सुरेन्द्र रजक निर्दलीय | निर्दलीय | 2460.2% |
| 16 | राणा मानिन्द्र रजनीश निर्दलीय | निर्दलीय | 2340.2% |
| 17 | जवाहर पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 2050.2% |
| 18 | लुखदेव पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 1860.1% |
| 19 | राम स्वरूप दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1760.1% |
| 20 | ओम प्रकाश पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 1300.1% |
| 21 | अनिरुद्ध हरिजन निर्दलीय | निर्दलीय | 1150.1% |
| 22 | अनिरुद्ध मांझी निर्दलीय | निर्दलीय | 900.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.45 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सुल्तानगंज से कौन जीता, 1977–2000
JD ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 39.4% से घटकर 36.3% रह गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1990 के 51.8% से बढ़कर 58.7% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट SAP ने जीती।