जमुईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
अर्जुन मंडल (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 37.2% वोट पाकर जमुई सीट जीती और सुशील कुमार सिंह (INC) को 7,082 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 188 बरियारपुर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 188 पटना पश्चिम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
29 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अर्जुन मंडल जनता दल | जनता दल | 40,41337.2% |
| 2 | सुशील कुमार सिंह | 33,33130.7% | |
| 3 | नरदेव प्रसाद | 6,3545.8% | |
| 4 | शांतनु | 5,2954.9% | |
| 5 | रबीन्द्र कुमार सिंह BPP | BPP | 4,6264.3% |
| 6 | सकलदेव यादव समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 3,5793.3% |
| 7 | निरंजन कुमार JP | JP | 3,2423.0% |
| 8 | जवाहर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1092.9% |
| 9 | कुमार रत्नेश्वर सिंह SJP(R) | SJP(R) | 1,4631.4% |
| 10 | यमुना प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2841.2% |
| 11 | शमीम CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 1,2461.1% |
| 12 | उमेश मंडल | 8300.8% | |
| 13 | शशि भूषण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5730.5% |
| 14 | लखन शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 5200.5% |
| 15 | मोहन मांझी निर्दलीय | निर्दलीय | 3360.3% |
| 16 | जगदीश साह निर्दलीय | निर्दलीय | 3220.3% |
| 17 | सिंघेश्वर सिंह | 2750.3% | |
| 18 | परमेश्वर साह निर्दलीय | निर्दलीय | 2560.2% |
| 19 | नन्द किशोर पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 2350.2% |
| 20 | दृग ओनोमेश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 2270.2% |
| 21 | अबायी कान्त दुबे निर्दलीय | निर्दलीय | 2170.2% |
| 22 | श्याम सुन्दर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2080.2% |
| 23 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1430.1% |
| 24 | सहदेव यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1280.1% |
| 25 | सुनील केशरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1200.1% |
| 26 | पुरुषोत्तम प्रसन्न सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1190.1% |
| 27 | जगत नारायण भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 800.1% |
| 28 | राजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 790.1% |
| 29 | अशोक कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 650.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जमुई से कौन जीता, 1977–2000
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1990 के 64.9% से घटकर 54.5% रह गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट JD(U) ने जीती।