बिशुनपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
भुखला भगत (INC) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 36.6% वोट पाकर बिशुनपुर सीट जीती और बिनोद कुमार भगत (JPP) को 15,141 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 314 गढ़वा थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 314 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — भुखला भगत 18.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भुखला भगत | 30,78636.6% | |
| 2 | बिनोद कुमार भगत JPP | JPP | 15,64518.6% |
| 3 | रमेश उराँव | 14,96217.8% | |
| 4 | सुखैर भगत जनता दल | जनता दल | 12,34514.7% |
| 5 | संजय कुमार भगत CSP-JSD | CSP-JSD | 3,9804.7% |
| 6 | अजीत तिग्गा | 2,4582.9% | |
| 7 | चन्द्रेश उरांव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7532.1% |
| 8 | बैजू उरांव | 8631.0% | |
| 9 | लीबाई भगत | 6990.8% | |
| 10 | गौरी शंकर उराँव JMM(M) | JMM(M) | 3440.4% |
| 11 | राजेन्द्र उराँव निर्दलीय | निर्दलीय | 3070.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 73% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.44 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिशुनपुर से कौन जीता, 1977–2000
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1990 के 43.0% से बढ़कर 53.3% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।