पालीगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
चन्द्रदेव प्रसाद वर्मा (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 37.9% वोट पाकर पालीगंज सीट जीती और जनार्दन शर्मा (BJP) को 17,872 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 213 बड़हरा थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 213 चैनपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
21 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चन्द्रदेव प्रसाद वर्मा जनता दल | जनता दल | 47,48137.9% |
| 2 | जनार्दन शर्मा | 29,60923.6% | |
| 3 | नन्द कुमार नन्दन CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 24,96119.9% |
| 4 | राजेन्द्र सिंह | 14,03811.2% | |
| 5 | सी.पी. सिन्हा | 5,2174.2% | |
| 6 | प्रफुल्ली चन्द्र बोस निर्दलीय | निर्दलीय | 5520.4% |
| 7 | रमेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5140.4% |
| 8 | रंजीत कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3900.3% |
| 9 | रामाधार यादव | 3610.3% | |
| 10 | अनिल कुमार वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 3530.3% |
| 11 | शुभ नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2790.2% |
| 12 | उमा कान्त पंडित | 2550.2% | |
| 13 | सुरेन्द्र पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 2370.2% |
| 14 | बरती देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 2000.2% |
| 15 | अनिल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1590.1% |
| 16 | भारत सिंह भारती निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.1% |
| 17 | वीरेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1460.1% |
| 18 | तपेश्वर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1280.1% |
| 19 | सिंदेश्वर तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1230.1% |
| 20 | विश्वनाथ प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1160.1% |
| 21 | अजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 950.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.95 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पालीगंज से कौन जीता, 1977–2000
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 58.1% से बढ़कर 59.3% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट RJD ने जीती।