डुमराँवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
बसंत सिंह (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 34.7% वोट पाकर डुमराँव सीट जीती और ब्यास मुनि सिंह (CPI(ML)(L)) को 22,621 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 221 चैनपुर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 221 रफीगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बसंत सिंह 20.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
24 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बसंत सिंह जनता दल | जनता दल | 38,75434.7% |
| 2 | ब्यास मुनि सिंह CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 16,13314.4% |
| 3 | संजय कुमार तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 13,80312.3% |
| 4 | राम बिहारी सिंह | 10,5599.4% | |
| 5 | ददन सिंह समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 8,0597.2% |
| 6 | सरस्वती देवी | 4,2663.8% | |
| 7 | तिरलोकी सिंह | 4,1193.7% | |
| 8 | मिथिलेश कुमार सिंह BPP | BPP | 2,9942.7% |
| 9 | बबन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8842.6% |
| 10 | राम अवतार राय निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0371.8% |
| 11 | रामेश्वर सिंह | 1,7111.5% | |
| 12 | बिजय नारायण भारती निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0811.0% |
| 13 | काशी नाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0340.9% |
| 14 | तेज प्रताप सिंह SJP(R) | SJP(R) | 9100.8% |
| 15 | बैद्यनाथ राय BKUS | BKUS | 8210.7% |
| 16 | बिजय कुमार यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 6060.5% |
| 17 | दीन बंधु सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4400.4% |
| 18 | शिव जी सिंह | 3830.3% | |
| 19 | जवाहर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2840.3% |
| 20 | श्रीकांत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2800.3% |
| 21 | नागेन्द्र नाथ वाम दल | वाम दल | 2630.2% |
| 22 | एस.पी. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1960.2% |
| 23 | दलगीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1540.1% |
| 24 | अरुण कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 440.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 61% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.70 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
डुमराँव से कौन जीता, 1977–2000
JD ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत लगभग पहले जितना ही रहा: 34.7%। मतदान प्रतिशत 1990 के 48.0% से बढ़कर 64.6% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।