ब्रह्मपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
अजीत चौधरी (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 37.7% वोट पाकर ब्रह्मपुर सीट जीती और हरेराम पाण्डेय (INC) को 26,490 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 218 बक्सर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 218 नबीनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अजीत चौधरी 24.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
30 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अजीत चौधरी जनता दल | जनता दल | 41,24837.7% |
| 2 | हरेराम पाण्डेय | 14,75813.5% | |
| 3 | स्वामीनाथ तिवारी | 14,27113.0% | |
| 4 | ऋषिकेश तिवारी | 11,75310.7% | |
| 5 | बीरेन्द्र प्रधान BPP | BPP | 10,4959.6% |
| 6 | मंजर मसीह दास | 6,1295.6% | |
| 7 | सूर्य कुमार यादव समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 3,5273.2% |
| 8 | संजय कुमार पाठक निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0571.9% |
| 9 | रघुराज सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7200.7% |
| 10 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4380.4% |
| 11 | रघुनायक सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4220.4% |
| 12 | देव ब्रत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3690.3% |
| 13 | उतिम यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 3640.3% |
| 14 | शिवजी यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 2670.2% |
| 15 | विद्या सागर ओझा निर्दलीय | निर्दलीय | 2500.2% |
| 16 | सिया राम ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 2420.2% |
| 17 | शिव प्रसन्न राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2240.2% |
| 18 | शुमन कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2190.2% |
| 19 | राम प्रवेश यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1970.2% |
| 20 | कपिल सोनार निर्दलीय | निर्दलीय | 1930.2% |
| 21 | जनार्दन राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1900.2% |
| 22 | शिवनाथ पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 1810.2% |
| 23 | कामता सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1750.2% |
| 24 | राम आशीष पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 1450.1% |
| 25 | चोटक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1340.1% |
| 26 | राजन निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.1% |
| 27 | गोपाल वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1190.1% |
| 28 | सुरेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1180.1% |
| 29 | संजय सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.1% |
| 30 | राम आसरे सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 930.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 64% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.94 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ब्रह्मपुर से कौन जीता, 1977–2000
JD ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1990 के 56.0% से बढ़कर 59.5% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट RJD ने जीती।