काराकाटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
तुलसी सिंह (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 36.8% वोट पाकर काराकाट सीट जीती और बचन सिंह (CPI(ML)(L)) को 6,897 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 225 डेहरी थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 225 कुर्था है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
40 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | तुलसी सिंह जनता दल | जनता दल | 40,75336.8% |
| 2 | बचन सिंह CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 33,85630.5% |
| 3 | बलिराम मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 14,31812.9% |
| 4 | नन्द कुमार सिंह | 4,0993.7% | |
| 5 | आशा ओझा | 3,4733.1% | |
| 6 | आशुतोषरंजन पाण्डेय | 2,3812.1% | |
| 7 | लक्ष्मण चौधरी SSD | SSD | 2,1391.9% |
| 8 | पलटन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8851.7% |
| 9 | लाल बाबू सिंह SJP(R) | SJP(R) | 1,0971.0% |
| 10 | अजय कुमार गुप्ता | 1,0190.9% | |
| 11 | रामाधार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7370.7% |
| 12 | राजेन्द्र पाण्डेय JP | JP | 6270.6% |
| 13 | अखिलेश्वर सिंह BPP | BPP | 6260.6% |
| 14 | अशोक सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4210.4% |
| 15 | श्योदयाल पासवान DS | DS | 4020.4% |
| 16 | बहादुर पा. निर्दलीय | निर्दलीय | 3470.3% |
| 17 | सत्यनारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3220.3% |
| 18 | कृष्ण कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2270.2% |
| 19 | दीप ना. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2250.2% |
| 20 | नन्द गोपाल राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2140.2% |
| 21 | रामचंद्र प्रसाद गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 2070.2% |
| 22 | राम कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1840.2% |
| 23 | कयामत हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 1780.2% |
| 24 | दीनेश पाठक | 1280.1% | |
| 25 | ललन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1140.1% |
| 26 | सरयू गुप्ता | 1070.1% | |
| 27 | भुनेश्वरनाथ दुबे निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.1% |
| 28 | चन्द्रदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 880.1% |
| 29 | कामाख्य़ा नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 810.1% |
| 30 | सुदामा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 680.1% |
| 31 | कृष्ण चन्द्र ओझा निर्दलीय | निर्दलीय | 630.1% |
| 32 | स्टी निवास ताडव निर्दलीय | निर्दलीय | 610.1% |
| 33 | विनोद तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 520.1% |
| 34 | सुनील तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 510.1% |
| 35 | शिवजी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 500.1% |
| 36 | श्यामदेव चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 430.0% |
| 37 | शम्भू सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 420.0% |
| 38 | गुप्तेश्वर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 380.0% |
| 39 | सुबेदार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 370.0% |
| 40 | गिरिजाप्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 230.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.02 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
काराकाट से कौन जीता, 1977–2000
JD ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 37.4% से घटकर 36.8% रह गया। मतदान प्रतिशत 1990 के 57.4% से बढ़कर 59.8% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट CPI(ML)(L) ने जीती।