काराकाटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
तुलसी सिंह (JD) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 37.4% वोट पाकर काराकाट सीट जीती और मणि सिंह (IPF) को 5,488 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 225 डेहरी थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 225 कुर्था है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
32 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | तुलसी सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 35,85937.4% |
| 2 | मणि सिंह IPF | IPF | 30,37131.7% |
| 3 | शशि रानी मिश्रा | 8,8629.3% | |
| 4 | महेन्द्र सिंह | 4,7375.0% | |
| 5 | रामजी प्रसाद सिंह वाम दल | वाम दल | 4,4524.7% |
| 6 | अनिल कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7591.8% |
| 7 | श्री निवास यादव LKD(B) | LKD(B) | 1,4101.5% |
| 8 | अशोक कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3891.4% |
| 9 | माेजी बुद्दीन खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2091.3% |
| 10 | राधा मोहन सिंह JNP(JP) | JNP(JP) | 9581.0% |
| 11 | गोपाल कृष्ण मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 7230.8% |
| 12 | शम्भू प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 5470.6% |
| 13 | अजय कुमार गुप्ता | 4290.5% | |
| 14 | कृष्ण चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 3940.4% |
| 15 | यमुना तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 3140.3% |
| 16 | रविन्द्र पाण्डेय ABJS | ABJS | 2570.3% |
| 17 | राम जी प्रसाद गौतम SSD | SSD | 2270.2% |
| 18 | सुदामा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2250.2% |
| 19 | आशा देवी BKUS | BKUS | 2220.2% |
| 20 | भिखारी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2010.2% |
| 21 | चन्द्रदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1980.2% |
| 22 | शिवा नाथ गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 1920.2% |
| 23 | बटे कृष्ण उपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 1840.2% |
| 24 | राम सुरेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1240.1% |
| 25 | प्रेम शांद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1150.1% |
| 26 | शिवा नन्दन राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1150.1% |
| 27 | अलखा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 900.1% |
| 28 | राम प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
| 29 | राम कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 420.0% |
| 30 | बली राम मिसर निर्दलीय | निर्दलीय | 300.0% |
| 31 | राधा मुनि सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 280.0% |
| 32 | सुबेदार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 260.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.92 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
काराकाट से कौन जीता, 1977–2000
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 64.9% से घटकर 57.4% रह गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में भी JD ने यह सीट अपने पास रखी।