काराकाटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
शशि रानी मिश्रा (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 40.8% वोट पाकर काराकाट सीट जीती और तुलसी सिंह (LKD) को 13,609 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 225 डेहरी थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 225 कुर्था है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शशि रानी मिश्रा | 40,19940.8% | |
| 2 | तुलसी सिंह Lok Dal | Lok Dal | 26,59027.0% |
| 3 | राम जी प्रसाद सिंह वाम दल | वाम दल | 20,55920.9% |
| 4 | राजेश्वर सिंह | 6,3046.4% | |
| 5 | राम कुमार सिंह ICJ | ICJ | 1,5671.6% |
| 6 | कुलदीप तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 7010.7% |
| 7 | गुपुत गांधी निर्दलीय | निर्दलीय | 5180.5% |
| 8 | कैलाश सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 4590.5% |
| 9 | बैजनाथ भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 3340.3% |
| 10 | श्री निवास यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 3050.3% |
| 11 | राम सुरेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1520.1% |
| 12 | बृजनंदन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1430.1% |
| 13 | चन्द्र देव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1200.1% |
| 14 | चंद्रमणि सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1090.1% |
| 15 | अशोक कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 810.1% |
| 16 | परमानंद सरोगी निर्दलीय | निर्दलीय | 800.1% |
| 17 | श्री कृष्ण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
| 18 | सावित्री देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 540.1% |
| 19 | अयोध्या यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 500.1% |
| 20 | राधा मुनि सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 230.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.47 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
काराकाट से कौन जीता, 1977–2000
INC ने यह सीट JNP(SC) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 67.3% से घटकर 64.9% रह गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।