चंडीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
अनिल सिंह (SAP) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 38.4% वोट पाकर चंडी सीट जीती और हरि नारायण सिंह (JD) को 2,955 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 199 इस्लामपुर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 199 शाहपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। अनिल सिंह 2.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
32 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अनिल सिंह | 39,37138.4% | |
| 2 | हरि नारायण सिंह जनता दल | जनता दल | 36,41635.5% |
| 3 | परमा नन्द प्रसाद CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 7,8917.7% |
| 4 | राम देव प्रसाद | 5,4035.3% | |
| 5 | सीता शरण बिन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8691.8% |
| 6 | विंदा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5411.5% |
| 7 | योगेन्द्र शुक्ल SJP(R) | SJP(R) | 1,5261.5% |
| 8 | अयोध्या प्रसाद | 1,3741.3% | |
| 9 | केशव सिंह BPP | BPP | 1,1881.2% |
| 10 | जगदीश पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0651.0% |
| 11 | अजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 5840.6% |
| 12 | बली राम दास निर्दलीय | निर्दलीय | 4290.4% |
| 13 | श्री कान्त प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 4250.4% |
| 14 | फेकू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4030.4% |
| 15 | दशरथ गोप निर्दलीय | निर्दलीय | 3670.4% |
| 16 | मुन्नी लाल प्रसाद यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 3600.3% |
| 17 | सुहावन प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2780.3% |
| 18 | कृष्ण प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2360.2% |
| 19 | प्रमोद प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2150.2% |
| 20 | डॉ. नन्द लाल प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1760.2% |
| 21 | ऋषि कुमार पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 1670.2% |
| 22 | हरि बंश लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1580.1% |
| 23 | श्रवण कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1570.1% |
| 24 | वीरेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1530.1% |
| 25 | रामाधीन प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1480.1% |
| 26 | सत्येन्द्र प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1290.1% |
| 27 | सत्येन्द्र प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.1% |
| 28 | चौधरी शिवेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1040.1% |
| 29 | वीरेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1020.1% |
| 30 | हरेन्द्र सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 980.1% |
| 31 | हरेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 650.1% |
| 32 | राम सिंह प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 650.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.53 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चंडी से कौन जीता, 1977–2000
SAP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह SAP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 64.4% से बढ़कर 67.2% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में भी SAP ने यह सीट अपने पास रखी।