इमामगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
रामस्वरूप पासवान (SAP) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 31.7% वोट पाकर इमामगंज सीट जीती और उदय नारायण चौधरी (JD) को 120 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 251 गया मुफस्सिल थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 251 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
इमामगंज का फ़ैसला सिर्फ़ 0.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 120 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
18 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रामस्वरूप पासवान | 26,67031.7% | |
| 2 | उदय नारायण चौधरी जनता दल | जनता दल | 26,55031.6% |
| 3 | शकीला भारती | 15,31418.2% | |
| 4 | कारू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4,3085.1% |
| 5 | श्रीचंद सिंह | 1,9642.3% | |
| 6 | अरुण दास | 1,6732.0% | |
| 7 | निरंजन कुमार CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 1,4691.8% |
| 8 | रामजी मांझी SSD | SSD | 1,0091.2% |
| 9 | नेमन दास | 8831.1% | |
| 10 | द्वारिक भुइयां निर्दलीय | निर्दलीय | 8781.0% |
| 11 | शालिग्राम गहलौत BPP | BPP | 8081.0% |
| 12 | जय राम भारती निर्दलीय | निर्दलीय | 7380.9% |
| 13 | ललन कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 5480.7% |
| 14 | मुसेंद्र दास निर्दलीय | निर्दलीय | 3070.4% |
| 15 | सीताराम प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2850.3% |
| 16 | बागेश्वरी निर्दलीय | निर्दलीय | 2510.3% |
| 17 | अनंत कुमार समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 2290.3% |
| 18 | सुदामा प्रसाद SJP(R) | SJP(R) | 1550.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.20 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
इमामगंज से कौन जीता, 1977–2000
SAP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह SAP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 62.3% से घटकर 52.1% रह गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में भी SAP ने यह सीट अपने पास रखी।