महागामाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
अवध बिहारी सिंह (INC) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 34.9% वोट पाकर महागामा सीट जीती और फैयाज भागलपुरी (JD) को 495 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 164 अमरपुर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 164 चौथम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
महागामा का फ़ैसला सिर्फ़ 0.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 495 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अवध बिहारी सिंह | 44,39734.9% | |
| 2 | फैयाज भागलपुरी जनता दल | जनता दल | 43,90234.5% |
| 3 | कुंवर बटेश्वर | 8,1236.4% | |
| 4 | बीरेन्द्र कुमार सिंह JMM(S) | JMM(S) | 7,8276.2% |
| 5 | बिश्वनाथ भगत CSP-JSD | CSP-JSD | 5,9664.7% |
| 6 | पंकज कुमार सिंह BPP | BPP | 3,3322.6% |
| 7 | अशफ़ाक़ रहमान | 2,3691.9% | |
| 8 | ऐजाज निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8101.4% |
| 9 | नजीरुद्दीन समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 1,5591.2% |
| 10 | शंकर प्रसाद राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3901.1% |
| 11 | डोमन महलदार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2571.0% |
| 12 | राजेन्द्र पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0640.8% |
| 13 | भूपेन्द्र कुमार राम निर्दलीय | निर्दलीय | 8380.7% |
| 14 | जयकृष्ण यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 5850.5% |
| 15 | चंडी प्रसाद भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 4470.3% |
| 16 | अर्जुन प्रसाद साह निर्दलीय | निर्दलीय | 3150.3% |
| 17 | जयसिंह पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 2890.2% |
| 18 | अभय राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2770.2% |
| 19 | सईद अहमद JMM(M) | JMM(M) | 2770.2% |
| 20 | अताउर रहमान सिद्दीकी निर्दलीय | निर्दलीय | 2210.2% |
| 21 | अमल कुमार झा निर्दलीय | निर्दलीय | 2030.2% |
| 22 | समसुद्दीन अंसारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1930.1% |
| 23 | अशोक राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1780.1% |
| 24 | आशुतोष सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1500.1% |
| 25 | सिराजुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 1300.1% |
| 26 | सफ़ीद निर्दलीय | निर्दलीय | 950.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.96 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
महागामा से कौन जीता, 1977–2000
INC ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 66.1% से घटकर 62.8% रह गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।