डुमरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
शिवा महतो (JMM(M)) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 34.7% वोट पाकर डुमरी सीट जीती और मक़सूद आलम (INC) को 12,986 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 276 बाघमारा थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 276 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शिवा महतो JMM(M) | JMM(M) | 36,79434.7% |
| 2 | मक़सूद आलम | 23,80822.4% | |
| 3 | लाल चन्द महतो | 19,69818.6% | |
| 4 | कैलाश पंडित | 8,9468.4% | |
| 5 | कमल प्रसाद CSP-JSD | CSP-JSD | 4,5904.3% |
| 6 | गुल मुहमद जनता दल | जनता दल | 3,9923.8% |
| 7 | परमेश्वर मंडल | 3,1603.0% | |
| 8 | दिलीप कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9892.8% |
| 9 | तारकेश्वर महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1651.1% |
| 10 | हिरामण महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 7000.7% |
| 11 | महेन्द्र प्रसाद जायसवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3140.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.61 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
डुमरी से कौन जीता, 1977–2000
JMM(M) ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JMM(M) की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1990 के 58.0% से बढ़कर 64.5% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट JD(U) ने जीती।