बाँकाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
जावेद इकबाल अंसारी (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 32.4% वोट पाकर बाँका सीट जीती और राम नारायण मंडल (BJP) को 8,792 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 174 बरबीघा थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 174 बरबीघा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
32 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जावेद इकबाल अंसारी जनता दल | जनता दल | 31,86432.4% |
| 2 | राम नारायण मंडल | 23,07223.4% | |
| 3 | वेदानंद सिंह SJP(R) | SJP(R) | 13,81114.0% |
| 4 | रवि कुमार सिंह | 4,5484.6% | |
| 5 | अनिल कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4,1204.2% |
| 6 | बिश्वनाथ चौधरी | 3,6713.7% | |
| 7 | गिरधर गोपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0392.1% |
| 8 | संजय प्रसाद यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8811.9% |
| 9 | जीवन कुमार सिंह BPP | BPP | 1,8491.9% |
| 10 | गणेश राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6791.7% |
| 11 | सिकन्दर यादव | 1,5851.6% | |
| 12 | सच्चिदानन्द यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0941.1% |
| 13 | अकबाल हुसैन अंसारी निर्दलीय | निर्दलीय | 8830.9% |
| 14 | अशोक यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 6970.7% |
| 15 | रामचंद्र पंडित निर्दलीय | निर्दलीय | 6670.7% |
| 16 | इस्लाम मियाँ | 6550.7% | |
| 17 | नवल किशोर घोष | 6290.6% | |
| 18 | राम कृष्ण साह निर्दलीय | निर्दलीय | 4670.5% |
| 19 | आनन्द प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4650.5% |
| 20 | शैलेन्द्र कुमार झा निर्दलीय | निर्दलीय | 3290.3% |
| 21 | अमरकांत मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 3020.3% |
| 22 | रघुनंदन झा आजाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2870.3% |
| 23 | मनोज कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2550.3% |
| 24 | मोहन साह निर्दलीय | निर्दलीय | 2420.3% |
| 25 | सत्यनारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2210.2% |
| 26 | शंकर प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2120.2% |
| 27 | कैलाश चन्द्र झा निर्दलीय | निर्दलीय | 2090.2% |
| 28 | कामदेव यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1810.2% |
| 29 | त्रिबुनवान पंडित निर्दलीय | निर्दलीय | 1720.2% |
| 30 | कौशल कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1660.2% |
| 31 | उमेश प्रसाद मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 1150.1% |
| 32 | श्री प्रसाद यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1010.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 70% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.35 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बाँका से कौन जीता, 1977–2000
JD ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1990 के 55.8% से बढ़कर 61.0% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।