बाँकाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
चन्द्र शेखर सिंह (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 70.9% वोट पाकर बाँका सीट जीती और बेड़ा नन्द सिंह (निर्दलीय) को 38,317 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 174 बरबीघा थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 174 बरबीघा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — चन्द्र शेखर सिंह 44.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चन्द्र शेखर सिंह | 61,74370.9% | |
| 2 | बेड़ा नन्द सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 23,42626.9% |
| 3 | रामचन्दर रमन निर्दलीय | निर्दलीय | 7920.9% |
| 4 | उदित नारायण यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 3740.4% |
| 5 | लक्ष्मी के. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3560.4% |
| 6 | प्रिथी चन्द्र साह निर्दलीय | निर्दलीय | 2570.3% |
| 7 | सीताराम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1850.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और एक निर्दलीय को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.74 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बाँका से कौन जीता, 1977–2000
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 53.5% से बढ़कर 67.0% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।