केवटीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
गुलाम सरवर (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 54.2% वोट पाकर केवटी सीट जीती और अशोक कुमार यादव (BJP) को 37,137 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 90 दरभंगा थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 90 मीनापुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — गुलाम सरवर 33.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
24 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गुलाम सरवर जनता दल | जनता दल | 60,50354.2% |
| 2 | अशोक कुमार यादव | 23,36620.9% | |
| 3 | मो रैज़ाउल्लाह निर्दलीय | निर्दलीय | 7,1906.4% |
| 4 | कमरुल हसन | 6,7976.1% | |
| 5 | परमानन्द दास BPP | BPP | 3,1242.8% |
| 6 | अहमद अश्फाक करीम | 2,2512.0% | |
| 7 | खुर्शीद अहमद समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 1,7211.5% |
| 8 | गंगा राम भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0460.9% |
| 9 | कुशेश्वर महतो | 7070.6% | |
| 10 | रामाशीष चौपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6620.6% |
| 11 | राजेन्द्र साह | 6340.6% | |
| 12 | निर्मल कुमार पाण्डेय SJP(R) | SJP(R) | 5340.5% |
| 13 | कुदूसुर रहमान खान निर्दलीय | निर्दलीय | 4890.4% |
| 14 | लालो यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 3890.3% |
| 15 | रामनंदन भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 3630.3% |
| 16 | फैजुल हक निर्दलीय | निर्दलीय | 3250.3% |
| 17 | विनोद कुमार झा वाम दल | वाम दल | 2770.3% |
| 18 | विंदेश्वर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2170.2% |
| 19 | मो मुस्तफा निर्दलीय | निर्दलीय | 1970.2% |
| 20 | सहदेव प्रसाद सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 1920.2% |
| 21 | छेदी सहनी निर्दलीय | निर्दलीय | 1790.2% |
| 22 | ऐनुल हक खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1520.1% |
| 23 | विद्यानंद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1340.1% |
| 24 | मिथिलेश मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 1160.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD, BJP और एक निर्दलीय को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.88 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
केवटी से कौन जीता, 1977–2005
JD ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 34.5% से बढ़कर 54.2% हो गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1990 के 66.6% से घटकर 57.2% रह गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट RJD ने जीती।
- 1977दुर्गा दास राठौर (JNP), जीत का अंतर 41.5%
- 1980शमाओले नबी (INC(I)), जीत का अंतर 8.6%
- 1985कलीम अहमद (INC), जीत का अंतर 9.7%
- 1990गुलाम सरवर (JD), जीत का अंतर 16.8%
- 1995गुलाम सरवर (JD), जीत का अंतर 33.3%
- 2000गुलाम सरवर (RJD), जीत का अंतर 3.4%
- 2005 (फ़रवरी)अशोक कु यादव (BJP), जीत का अंतर 4.8%
- 2005 (अक्टूबर)अशोक कुमार यादव (BJP), जीत का अंतर 6.9%