पीरपैंतीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
अम्बिका प्रसाद (CPI) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 28.7% वोट पाकर पीरपैंती सीट जीती और दिलीप कुमार सिन्हा (INC) को 1,237 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 165 धोरैया थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 165 खगड़िया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पीरपैंती का फ़ैसला सिर्फ़ 1.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,237 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
27 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अम्बिका प्रसाद वाम दल | वाम दल | 34,41628.7% |
| 2 | दिलीप कुमार सिन्हा | 33,17927.6% | |
| 3 | शोभाकांत मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 17,31814.4% |
| 4 | श्रीनिवास मंडल वाम दल | वाम दल | 7,1806.0% |
| 5 | राजेश कुमार जय | 6,1285.1% | |
| 6 | श्याम वर्मा | 5,2774.4% | |
| 7 | हेमन्त कुमार चौधरी | 3,8783.2% | |
| 8 | निर्वई कुमार सिन्हा BPP | BPP | 1,8571.6% |
| 9 | राम शरण चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5361.3% |
| 10 | प्रवीण कुमार दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0720.9% |
| 11 | जमाल उद्दीन समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 1,0580.9% |
| 12 | भैरोलाल मंडावाला निर्दलीय | निर्दलीय | 9040.8% |
| 13 | रमेश पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 7890.7% |
| 14 | कैलाश प्रसाद दास निर्दलीय | निर्दलीय | 7440.6% |
| 15 | उदय प्रकाश मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 6920.6% |
| 16 | बासुदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6720.6% |
| 17 | गोपाल प्रसाद सिंह SJP(R) | SJP(R) | 6670.6% |
| 18 | प्रदीप कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 5200.4% |
| 19 | अरविन्द मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 4500.4% |
| 20 | राजकुमारी देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 4380.4% |
| 21 | गोपाल यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 2740.2% |
| 22 | रामानंद रविदास निर्दलीय | निर्दलीय | 2320.2% |
| 23 | सिराज निर्दलीय | निर्दलीय | 2140.2% |
| 24 | रुक्मणी देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 2100.2% |
| 25 | सुरजा नारायण पाठक निर्दलीय | निर्दलीय | 1180.1% |
| 26 | रामानंद गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 1150.1% |
| 27 | जगदीश ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.28 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पीरपैंती से कौन जीता, 1977–2000
CPI ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 55.1% से घटकर 28.7% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 62.0% से घटकर 61.1% रह गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट RJD ने जीती।