पीरपैंतीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
दिलीप कुमार सिन्हा (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 47.4% वोट पाकर पीरपैंती सीट जीती और अम्बिका प्रसाद (CPI) को 4,089 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 165 धोरैया थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 165 खगड़िया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। दिलीप कुमार सिन्हा 4.7% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दिलीप कुमार सिन्हा | 40,95247.4% | |
| 2 | अम्बिका प्रसाद वाम दल | वाम दल | 36,86342.6% |
| 3 | शोभाकांत मदल Lok Dal | Lok Dal | 6,7557.8% |
| 4 | रंजीत गोस्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 7490.9% |
| 5 | बनवारी लाल खेतान निर्दलीय | निर्दलीय | 4890.6% |
| 6 | राम लखन तांती निर्दलीय | निर्दलीय | 3840.4% |
| 7 | अनंत लाल मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 2920.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, CPI और LKD को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.43 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पीरपैंती से कौन जीता, 1977–2000
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 63.5% से घटकर 61.9% रह गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट CPI ने जीती।