हायाघाटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
हरि नन्दन यादव (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 40.9% वोट पाकर हायाघाट सीट जीती और उमाधर प्रसाद सिंह (निर्दलीय) को 13,965 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 92 जाले थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 92 सकरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — हरि नन्दन यादव 15.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
25 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरि नन्दन यादव जनता दल | जनता दल | 35,85440.9% |
| 2 | उमाधर प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 21,88925.0% |
| 3 | विजय शंकर चौधरी BPP | BPP | 8,0549.2% |
| 4 | शिकंदर राय | 4,6195.3% | |
| 5 | उमा कान्त चौधरी | 3,8104.3% | |
| 6 | सफीउर रहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6904.2% |
| 7 | तारा कान्त झा | 3,2093.7% | |
| 8 | मो. गुलाम मुस्तफा समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 1,2251.4% |
| 9 | मो. वसीम JP | JP | 1,0271.2% |
| 10 | इन्द्र कान्त चौधरी SJP(R) | SJP(R) | 7030.8% |
| 11 | उपेन्द्र सहनी निर्दलीय | निर्दलीय | 5390.6% |
| 12 | श्रवण झा निर्दलीय | निर्दलीय | 5160.6% |
| 13 | शहाबउददीन खान निर्दलीय | निर्दलीय | 3480.4% |
| 14 | सुभाष चन्द्र मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 2980.3% |
| 15 | शुभ कान्त चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 2520.3% |
| 16 | कृपा शंकर मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 2400.3% |
| 17 | चन्द्र कान्त सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2350.3% |
| 18 | उपेन्द्र प्रसाद राय निर्दलीय | निर्दलीय | 2340.3% |
| 19 | आनन्द कुमार चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 2210.3% |
| 20 | राम नन्दन साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 1760.2% |
| 21 | अहमद अली निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.1% |
| 22 | ब्रह्म नन्द चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1040.1% |
| 23 | देव कुमार झा | 1030.1% | |
| 24 | मो. इबरार हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 870.1% |
| 25 | बरकत अली खान निर्दलीय | निर्दलीय | 520.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 75% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.05 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हायाघाट से कौन जीता, 1977–2005
JD ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 28.9% से बढ़कर 40.9% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1990 के 69.0% से घटकर 56.1% रह गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1977अनिरुद्ध प्रसाद (JNP), जीत का अंतर 5.8%
- 1980मदन मोहन चौधरी (INC(I)), जीत का अंतर 1.7%
- 1985उमाधर प्रसाद सिंह (IND), जीत का अंतर 4.8%
- 1990कफील अहमद (JD), जीत का अंतर 0.4%
- 1995हरि नन्दन यादव (JD), जीत का अंतर 15.9%
- 2000उमाधर प्रसाद सिंह (IND), जीत का अंतर 7.4%
- 2005 (फ़रवरी)हरिनंदन यादव (RJD), जीत का अंतर 8.1%
- 2005 (अक्टूबर)हरिनंदन यादव (RJD), जीत का अंतर 2.3%