हायाघाटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
उमाधर प्रसाद सिंह (निर्दलीय) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 30.4% वोट पाकर हायाघाट सीट जीती और हरि नन्दन यादव (RJD) को 7,863 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 92 जाले थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 92 सकरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | उमाधर प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 32,21430.4% |
| 2 | हरि नन्दन यादव | 24,35123.0% | |
| 3 | उमा कान्त चौधरी | 21,71020.5% | |
| 4 | मो. नसीम अहमद | 10,61710.0% | |
| 5 | शम्भू नाथ चौधरी BJC(R) | BJC(R) | 5,1684.9% |
| 6 | उमेश यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 5,0104.7% |
| 7 | नारायण जी झा | 4,9824.7% | |
| 8 | जगदीश यादव | 8670.8% | |
| 9 | नीलाम्बर झा | 3720.3% | |
| 10 | सैयाल असीर हाशमी निर्दलीय | निर्दलीय | 3330.3% |
| 11 | उपेंदर प्रसाद राय | 2210.2% | |
| 12 | बसंत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1710.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.90 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हायाघाट से कौन जीता, 1977–2005
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1995 के 56.1% से बढ़कर 65.5% हो गया। इसके बाद 2005 (फ़रवरी) के चुनाव में यह सीट RJD ने जीती।
- 1977अनिरुद्ध प्रसाद (JNP), जीत का अंतर 5.8%
- 1980मदन मोहन चौधरी (INC(I)), जीत का अंतर 1.7%
- 1985उमाधर प्रसाद सिंह (IND), जीत का अंतर 4.8%
- 1990कफील अहमद (JD), जीत का अंतर 0.4%
- 1995हरि नन्दन यादव (JD), जीत का अंतर 15.9%
- 2000उमाधर प्रसाद सिंह (IND), जीत का अंतर 7.4%
- 2005 (फ़रवरी)हरिनंदन यादव (RJD), जीत का अंतर 8.1%
- 2005 (अक्टूबर)हरिनंदन यादव (RJD), जीत का अंतर 2.3%