हायाघाटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
उमाधर प्रसाद सिंह (निर्दलीय) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 21.3% वोट पाकर हायाघाट सीट जीती और कफील अहमद (LKD) को 3,022 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 92 जाले थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 92 सकरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। उमाधर प्रसाद सिंह 4.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | उमाधर प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 13,53921.3% |
| 2 | कफील अहमद Lok Dal | Lok Dal | 10,51716.6% |
| 3 | हरि नन्दन मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 9,20914.5% |
| 4 | रामा नन्द मिसर | 7,86912.4% | |
| 5 | वैद्य़ नाथ चौधरी वाम दल | वाम दल | 7,50111.8% |
| 6 | नरसिंह चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 5,5228.7% |
| 7 | कमल किशोर झा ICS | ICS | 3,1725.0% |
| 8 | उपेन्द्र साहनी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4442.3% |
| 9 | राम सज्जन राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2452.0% |
| 10 | रंग नाथ ठाकुर | 9841.6% | |
| 11 | नन्द लाल शास्त्री निर्दलीय | निर्दलीय | 6651.1% |
| 12 | राम सरोवर पाण्डेय जनता | जनता | 3270.5% |
| 13 | उमेश राय निर्दलीय | निर्दलीय | 2810.4% |
| 14 | कृष्ण कुमार राय निर्दलीय | निर्दलीय | 2690.4% |
| 15 | राम वैदेही चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 2330.4% |
| 16 | आनन्द बैठा निर्दलीय | निर्दलीय | 2170.3% |
| 17 | राम समर मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 1880.3% |
| 18 | नरेन्द्र प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 870.1% |
| 19 | गुना नन्द झा निर्दलीय | निर्दलीय | 860.1% |
| 20 | सफीउर रहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 830.1% |
| 21 | गौरी शंकर झा निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
| 22 | सत्य ना. झा निर्दलीय | निर्दलीय | 390.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 52% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 7.44 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हायाघाट से कौन जीता, 1977–2005
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1980 के 70.8% से घटकर 54.8% रह गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1977अनिरुद्ध प्रसाद (JNP), जीत का अंतर 5.8%
- 1980मदन मोहन चौधरी (INC(I)), जीत का अंतर 1.7%
- 1985उमाधर प्रसाद सिंह (IND), जीत का अंतर 4.8%
- 1990कफील अहमद (JD), जीत का अंतर 0.4%
- 1995हरि नन्दन यादव (JD), जीत का अंतर 15.9%
- 2000उमाधर प्रसाद सिंह (IND), जीत का अंतर 7.4%
- 2005 (फ़रवरी)हरिनंदन यादव (RJD), जीत का अंतर 8.1%
- 2005 (अक्टूबर)हरिनंदन यादव (RJD), जीत का अंतर 2.3%