गोबिन्दपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
के.बी. प्रसाद (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 38.2% वोट पाकर गोबिन्दपुर सीट जीती और गायत्री देवी (INC) को 24,244 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 259 धनवार थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 259 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — के.बी. प्रसाद 23.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
28 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के.बी. प्रसाद जनता दल | जनता दल | 39,09838.2% |
| 2 | गायत्री देवी | 14,85414.5% | |
| 3 | कृष्ण प्रभाकर निर्दलीय | निर्दलीय | 10,83410.6% |
| 4 | राम सेवक महतो | 9,3149.1% | |
| 5 | कर्मवीर प्रसाद | 6,8336.7% | |
| 6 | अर्जुन राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5,3955.3% |
| 7 | शमशाद अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 4,4944.4% |
| 8 | सुरेन्द्र प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6403.6% |
| 9 | कृष्ण बल्लभ यादव समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 3,3943.3% |
| 10 | रेनू कुमारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1341.1% |
| 11 | अमर नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 5240.5% |
| 12 | विजाम कुमार सिंह BPP | BPP | 3510.3% |
| 13 | रंजीत कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2960.3% |
| 14 | शिव नन्दन प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2490.2% |
| 15 | नवल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2270.2% |
| 16 | अनिल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2130.2% |
| 17 | गार्गी प्रतिवा निर्दलीय | निर्दलीय | 1890.2% |
| 18 | महेन्द्र चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1780.2% |
| 19 | अवधेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1640.2% |
| 20 | मुक्तार निर्दलीय | निर्दलीय | 1360.1% |
| 21 | मजहर निर्दलीय | निर्दलीय | 1280.1% |
| 22 | अनिल कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1250.1% |
| 23 | जगदीश प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1250.1% |
| 24 | हरि शंकर पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 1150.1% |
| 25 | मथुरा प्रसाद यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 930.1% |
| 26 | कौशर बेगम निर्दलीय | निर्दलीय | 880.1% |
| 27 | बालगोविन्द राम निर्दलीय | निर्दलीय | 830.1% |
| 28 | मोक़ीमुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 63% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.05 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गोबिन्दपुर से कौन जीता, 1977–2000
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1990 के 66.4% से घटकर 55.4% रह गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट RJD ने जीती।