शाहपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
धर्मपाल सिंह (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 41.0% वोट पाकर शाहपुर सीट जीती और शिवानंद तिवारी (SAP) को 16,695 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 217 नावानगर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 217 डेहरी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — धर्मपाल सिंह 18.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
32 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | धर्मपाल सिंह जनता दल | जनता दल | 37,13941.0% |
| 2 | शिवानंद तिवारी | 20,44422.5% | |
| 3 | शम्भू सरन मिश्रा | 9,87110.9% | |
| 4 | गणेश ओझा | 8,3749.2% | |
| 5 | केदार नाथ सिंह | 3,2863.6% | |
| 6 | नरेन्द्र तिवारी SJP(R) | SJP(R) | 2,7613.0% |
| 7 | शाहदेव सिंह BPP | BPP | 2,5052.8% |
| 8 | लल्लन पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6391.8% |
| 9 | शेवा कान्त तिवारी JP | JP | 7810.9% |
| 10 | उमाशंकर सिंह समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 5020.6% |
| 11 | बजरंग यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 4650.5% |
| 12 | इलियास निर्दलीय | निर्दलीय | 4240.5% |
| 13 | हरद्वार पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 4110.5% |
| 14 | शुशील कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2300.3% |
| 15 | मनोज कुमार मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 2290.3% |
| 16 | रामायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2210.2% |
| 17 | सत्य नारायण यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1540.2% |
| 18 | लक्ष्मण तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1470.2% |
| 19 | कालिका सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1430.2% |
| 20 | महेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1190.1% |
| 21 | सुलेमान खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.1% |
| 22 | सुरेन्द्र तिवारी BKUS | BKUS | 1030.1% |
| 23 | बंशीधर यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1020.1% |
| 24 | राजेन्द्र प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 980.1% |
| 25 | त्रिभुआ ओझा निर्दलीय | निर्दलीय | 940.1% |
| 26 | चन्द्रमा प्रसाद CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 860.1% |
| 27 | अवधेश तिवारी | 740.1% | |
| 28 | सुदर्शन चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 440.1% |
| 29 | हरिहर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 420.1% |
| 30 | सोमारू यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 400.0% |
| 31 | अरविन्द पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 300.0% |
| 32 | काशिनाथ राय निर्दलीय | निर्दलीय | 260.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.13 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शाहपुर से कौन जीता, 1977–2000
JD ने यह सीट JNP(JP) से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1990 के 55.0% से घटकर 51.6% रह गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट RJD ने जीती।