शाहपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
धर्म पाल सिंह (JNP(JP)) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 23.1% वोट पाकर शाहपुर सीट जीती और शिवानंद तिवारी (निर्दलीय) को 455 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 217 नावानगर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 217 डेहरी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
शाहपुर का फ़ैसला सिर्फ़ 0.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 455 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
31 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | धर्म पाल सिंह JNP(JP) | JNP(JP) | 20,42223.1% |
| 2 | शिवानंद तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 19,96722.6% |
| 3 | शम्भू शरण मिशर | 7,2508.2% | |
| 4 | रमेश चन्द्र पाण्डेय | 7,0918.0% | |
| 5 | चन्द्रमा प्रसाद IPF | IPF | 6,8917.8% |
| 6 | रामजी तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 5,8876.7% |
| 7 | नरेन्द्र तिवारी राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 5,1445.8% |
| 8 | रामजग सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 4,2044.8% |
| 9 | सोमारू यादव LKD(B) | LKD(B) | 3,1203.5% |
| 10 | ललन पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6511.9% |
| 11 | वच्चा जी राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1981.4% |
| 12 | आनन्द शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 9281.1% |
| 13 | रामजी केशरी निर्दलीय | निर्दलीय | 7500.8% |
| 14 | जनार्दन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5950.7% |
| 15 | विजय कुमार चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 5260.6% |
| 16 | महेश तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 5170.6% |
| 17 | जितेन्द्र कुमार राय निर्दलीय | निर्दलीय | 4620.5% |
| 18 | सत्य प्रकाश त्रिपाठी निर्दलीय | निर्दलीय | 3560.4% |
| 19 | राम नाथ शौतम | 3550.4% | |
| 20 | शिव कुमार उपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 2620.3% |
| 21 | त्रिभुवन ओझा निर्दलीय | निर्दलीय | 1710.2% |
| 22 | गणेश यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1660.2% |
| 23 | सुरेन्द्र तिवारी BKUS | BKUS | 1270.1% |
| 24 | शिव कुमार पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.1% |
| 25 | हीरा लाल चमार निर्दलीय | निर्दलीय | 920.1% |
| 26 | विजय कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 810.1% |
| 27 | कालिका सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 710.1% |
| 28 | गोपाल जी पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 310.0% |
| 29 | हरदयानंद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 300.0% |
| 30 | राम बहादुर पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 230.0% |
| 31 | आनन्द तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 70.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 54% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 7.37 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शाहपुर से कौन जीता, 1977–2000
JNP(JP) ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JNP(JP) की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 54.5% से बढ़कर 55.0% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।