आराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
अब्दुल मलिक (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 29.8% वोट पाकर आरा सीट जीती और सुदामा प्रसाद (CPI(ML)(L)) को 4,637 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 216 डुमराँव थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 216 नोखा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। अब्दुल मलिक 4.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
40 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अब्दुल मलिक जनता दल | जनता दल | 32,48629.8% |
| 2 | सुदामा प्रसाद CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 27,84925.5% |
| 3 | त्रिगुण सिंह | 21,23419.5% | |
| 4 | सुरेन्द्र सिंह BPP | BPP | 6,1065.6% |
| 5 | राजेन्द्र प्रसाद सिंह SJP(R) | SJP(R) | 5,7555.3% |
| 6 | लताफ़त हुसैन | 4,1603.8% | |
| 7 | विद्या नन्द सहाय समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 1,7731.6% |
| 8 | हरिद्वार सिंह | 1,6731.5% | |
| 9 | राधा चरण साह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6061.5% |
| 10 | नाथू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1311.0% |
| 11 | अनूप राज यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0681.0% |
| 12 | शम्भू सरन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7850.7% |
| 13 | हरमेंद्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3910.4% |
| 14 | बिजय कु चौबे निर्दलीय | निर्दलीय | 2870.3% |
| 15 | बिजय कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2490.2% |
| 16 | राजा नन्द सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2280.2% |
| 17 | निशा रानी निर्दलीय | निर्दलीय | 2020.2% |
| 18 | विनय कुमार चौधरी KSP | KSP | 2010.2% |
| 19 | लाल बाबू श्रीवास्तव निर्दलीय | निर्दलीय | 1800.2% |
| 20 | अशोक कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1650.1% |
| 21 | सुरेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1470.1% |
| 22 | राम अनुग्रह सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1300.1% |
| 23 | फुलेश्वर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1190.1% |
| 24 | मो. शब्बीर अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.1% |
| 25 | भानु राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1030.1% |
| 26 | शाहव तनवीर निर्दलीय | निर्दलीय | 830.1% |
| 27 | अब्दुल आहाद निर्दलीय | निर्दलीय | 830.1% |
| 28 | राम देव राम SSD | SSD | 810.1% |
| 29 | नन्द कुमार राय निर्दलीय | निर्दलीय | 790.1% |
| 30 | प्रभात कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 790.1% |
| 31 | मकसुद आलम निर्दलीय | निर्दलीय | 750.1% |
| 32 | जया आजाद निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
| 33 | योगेन्द्र प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 34 | राम प्रवेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 680.1% |
| 35 | द्वारिका तिवारी | 610.1% | |
| 36 | शत्रोघन प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 610.1% |
| 37 | मुकेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 600.1% |
| 38 | श्याम नन्दन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 570.1% |
| 39 | आशुतोष तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 420.0% |
| 40 | अखिलेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 310.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 75% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.00 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
आरा से कौन जीता, 1977–2000
JD ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 37.3% से घटकर 29.8% रह गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 51.0% से बढ़कर 58.9% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।