घनश्यामपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
महाबीर प्रसाद (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 39.6% वोट पाकर घनश्यामपुर सीट जीती और चन्द्र किशोर झा (BJP) को 14,739 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 86 बिरौल थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 86 केवटी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
21 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | महाबीर प्रसाद जनता दल | जनता दल | 43,95739.6% |
| 2 | चन्द्र किशोर झा | 29,21826.3% | |
| 3 | इजहार अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 16,24414.6% |
| 4 | मदन कुमार सिंह BPP | BPP | 8,2157.4% |
| 5 | रमाकांत कुंवर | 4,5394.1% | |
| 6 | विन्देश्वरी यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2301.1% |
| 7 | मैनुल इस्लाम निर्दलीय | निर्दलीय | 9680.9% |
| 8 | विश्वेश चौधरी | 8690.8% | |
| 9 | महेन्द्र नारायण पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 8430.8% |
| 10 | जितेन्द्र प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7670.7% |
| 11 | कमल नारायण साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 5340.5% |
| 12 | बद्री नारण सदा निर्दलीय | निर्दलीय | 5340.5% |
| 13 | बालेश्वर महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 5160.5% |
| 14 | लक्ष्मण साह निर्दलीय | निर्दलीय | 5030.5% |
| 15 | कमल किशोर झा निर्दलीय | निर्दलीय | 5020.5% |
| 16 | बीरेंद्र कुमार सहनी निर्दलीय | निर्दलीय | 3630.3% |
| 17 | गोपी मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 2950.3% |
| 18 | मोहम्मद समीम निर्दलीय | निर्दलीय | 2800.3% |
| 19 | रबीन्द्र कुमार चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 2570.2% |
| 20 | श्याम नन्द सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1710.1% |
| 21 | मो. अली आजाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1480.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.92 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
घनश्यामपुर से कौन जीता, 1977–2005
JD ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 53.3% से घटकर 39.6% रह गया। मतदान प्रतिशत 1990 के 80.8% से घटकर 59.0% रह गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट RJD ने जीती।
- 1977महावीर प्रसाद (JNP), जीत का अंतर 47.3%
- 1980महेन्द्र नारायण झा (INC(I)), जीत का अंतर 21.8%
- 1985महाबीर प्रसाद (LKD), जीत का अंतर 10.8%
- 1990महावीर प्रसाद (JD), जीत का अंतर 8.7%
- 1995महाबीर प्रसाद (JD), जीत का अंतर 13.3%
- 2000महावीर प्रसाद (RJD), जीत का अंतर 11.1%
- 2005 (फ़रवरी)डॉ. महावीर प्रसाद (RJD), जीत का अंतर 6.4%
- 2005 (अक्टूबर)इजहार अहमद (LJP), जीत का अंतर 4.8%