बिक्रमगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
डॉ. सूर्य देव सिंह (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 38.2% वोट पाकर बिक्रमगंज सीट जीती और काशी नाथ चौधरी (BJP) को 25,092 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 226 काराकाट थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 226 मखदुमपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — डॉ. सूर्य देव सिंह 22.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
40 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. सूर्य देव सिंह जनता दल | जनता दल | 43,16438.2% |
| 2 | काशी नाथ चौधरी | 18,07216.0% | |
| 3 | अख़लाक़ अहमद BPP | BPP | 15,99214.2% |
| 4 | राम नगीना राम CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 15,49813.7% |
| 5 | त्रिभुवन सिंह | 5,9165.2% | |
| 6 | रघुनाथ सिंह | 3,4763.1% | |
| 7 | राजीव-रंजन सुमन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1451.9% |
| 8 | शिव नाथ प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3341.2% |
| 9 | रामेश्वर चौधरी | 1,2001.1% | |
| 10 | जग नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1411.0% |
| 11 | मदन प्रसाद सिंगे SJP(R) | SJP(R) | 1,0921.0% |
| 12 | जितेन्द्र राम DS | DS | 3160.3% |
| 13 | गिरिजा प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2600.2% |
| 14 | शिव दयाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2500.2% |
| 15 | राम नाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2420.2% |
| 16 | राम मूर्ति सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2090.2% |
| 17 | चितरंजन प्रसाद राय निर्दलीय | निर्दलीय | 2040.2% |
| 18 | रामेश्वर सिंह | 2030.2% | |
| 19 | पंकज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2020.2% |
| 20 | सूर्य नाथ राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1920.2% |
| 21 | विजय बहादुर चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1720.1% |
| 22 | संत प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1670.1% |
| 23 | मो. नबीब अंसारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1420.1% |
| 24 | मल धनी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1210.1% |
| 25 | अनपी देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 1100.1% |
| 26 | राम नरेश चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1020.1% |
| 27 | श्री राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 960.1% |
| 28 | कपूर चन्द सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 900.1% |
| 29 | सत्य नारायण गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 880.1% |
| 30 | दूधा नाथ सिंह SSD | SSD | 870.1% |
| 31 | ललन प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 850.1% |
| 32 | सत्य नारायण प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 850.1% |
| 33 | राधा प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 770.1% |
| 34 | सुनील पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 750.1% |
| 35 | राज केश्वर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 36 | नन्द बिहारी पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 37 | संजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
| 38 | राम चन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
| 39 | सुदामा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 630.1% |
| 40 | अवधेश प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 510.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 68% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.65 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिक्रमगंज से कौन जीता, 1977–2000
JD ने यह सीट IPF से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1990 के 56.6% से बढ़कर 59.0% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट SAP ने जीती।