बिक्रमगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
मेघराज माधवि (LKD) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 46.2% वोट पाकर बिक्रमगंज सीट जीती और गिरजा प्रसाद सिंह (INC) को 23,051 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 226 काराकाट थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 226 मखदुमपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मेघराज माधवि 22.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मेघराज माधवि Lok Dal | Lok Dal | 48,40646.2% |
| 2 | गिरजा प्रसाद सिंह | 25,35524.2% | |
| 3 | अख़लाक़ अहमद जनता | जनता | 20,36619.4% |
| 4 | संत प्रसाद सिंह वाम दल | वाम दल | 3,9013.7% |
| 5 | सूर्यदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7062.6% |
| 6 | राम रहस्य चौधरी | 1,8511.8% | |
| 7 | दुधनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 6150.6% |
| 8 | मोहम्मद कमल खान ICS | ICS | 2410.2% |
| 9 | मंगल तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 2150.2% |
| 10 | श्याम बिहारी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1990.2% |
| 11 | चितरंजन प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1550.1% |
| 12 | महेन्द्र सिंह (गोप्ता) निर्दलीय | निर्दलीय | 1210.1% |
| 13 | रामेश्वर चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 920.1% |
| 14 | कामेंद्र चौबे निर्दलीय | निर्दलीय | 860.1% |
| 15 | राम केश्वर सिंह ICJ | ICJ | 770.1% |
| 16 | लमन प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 750.1% |
| 17 | महेन्द्र सिंह (श्योबहार) निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 18 | डोमा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 600.1% |
| 19 | जगनारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 520.1% |
| 20 | सुदामा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 470.0% |
| 21 | कमल किशोर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 370.0% |
| 22 | राधा प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 280.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.20 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिक्रमगंज से कौन जीता, 1977–2000
LKD ने यह सीट JNP(JP) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह LKD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 61.1% से बढ़कर 69.3% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट IPF ने जीती।