बिक्रमगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
अख़लाक़ अहमद (SAP) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 44.3% वोट पाकर बिक्रमगंज सीट जीती और सूर्यदेव सिंह (RJD) को 32,314 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 226 काराकाट थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 226 मखदुमपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अख़लाक़ अहमद 26.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
23 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अख़लाक़ अहमद NDA | NDA | 55,16244.3% |
| 2 | सूर्यदेव सिंह | 22,84818.4% | |
| 3 | केशव प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 18,39214.8% |
| 4 | राम नगीना राम CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 15,31912.3% |
| 5 | रामेश्वर चौधरी AD | AD | 2,2761.8% |
| 6 | बादशाह सिंह | 2,0191.6% | |
| 7 | शैलेश कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8471.5% |
| 8 | राम कृपाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0860.9% |
| 9 | राजीव रंजन सुमन निर्दलीय | निर्दलीय | 8910.7% |
| 10 | बबन निर्दलीय | निर्दलीय | 8050.7% |
| 11 | जग नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6960.6% |
| 12 | रामेश्वर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6340.5% |
| 13 | कालेश्वरी सिंह | 4370.3% | |
| 14 | सुरेन्द्र साह | 3960.3% | |
| 15 | श्रीनाथ प्रसाद | 3480.3% | |
| 16 | बीरेन्द्र सिंह NDA | NDA | 3380.3% |
| 17 | रामाशीष सिंह | 2670.2% | |
| 18 | अज़हरुल हक BJC(R) | BJC(R) | 2560.2% |
| 19 | यमुना प्रसाद यादव | 1510.1% | |
| 20 | विजय बहादुर चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1300.1% |
| 21 | बृजकिशोर साह निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 22 | मनोज कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 610.1% |
| 23 | धर्मजीत सिंह BPSP | BPSP | 490.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.73 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिक्रमगंज से कौन जीता, 1977–2000
SAP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह SAP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1995 के 59.0% से बढ़कर 62.3% हो गया।