झंझारपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
रामावतार चौधरी (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 42.8% वोट पाकर झंझारपुर सीट जीती और देव चन्द्र झा (INC) को 23,029 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 80 मधुबनी थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 80 बेनीपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रामावतार चौधरी 23.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रामावतार चौधरी जनता दल | जनता दल | 42,74842.8% |
| 2 | देव चन्द्र झा | 19,71919.8% | |
| 3 | विवेका नन्द मिश्रा | 11,32611.3% | |
| 4 | सुल्तान अहमद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 6,9617.0% |
| 5 | कमेसर कामत | 5,9916.0% | |
| 6 | डॉ. रास लाल यादव SJP(R) | SJP(R) | 2,2502.3% |
| 7 | राधेश्याम राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7831.8% |
| 8 | सुख लाल महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5411.5% |
| 9 | दिगंबर मिश्रा BPP | BPP | 1,2251.2% |
| 10 | सूर्यदेव पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 9060.9% |
| 11 | मोद नारायण झा निर्दलीय | निर्दलीय | 7460.8% |
| 12 | विजय कुमार झा निर्दलीय | निर्दलीय | 6140.6% |
| 13 | शिवजी चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 5850.6% |
| 14 | संजीव कुमार चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 4810.5% |
| 15 | दुति चन्द्र साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 4440.4% |
| 16 | सुधीर कुमार मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 3580.4% |
| 17 | परमेश्वर ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 3480.3% |
| 18 | नवीन झा निर्दलीय | निर्दलीय | 2730.3% |
| 19 | राजेन्द्र प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2180.2% |
| 20 | हरि सेवक पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 2150.2% |
| 21 | हेम नारायण झा निर्दलीय | निर्दलीय | 2140.2% |
| 22 | डोमी पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 2050.2% |
| 23 | राज कुमार झा निर्दलीय | निर्दलीय | 1890.2% |
| 24 | पारस भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 1870.2% |
| 25 | महेन्द्र मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 1730.2% |
| 26 | आनन्द कुमार झा निर्दलीय | निर्दलीय | 810.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
झंझारपुर से कौन जीता, 1977–2005
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 72.1% से घटकर 56.8% रह गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट RJD ने जीती।
- 1977जगन्नाथ मिश्रा (INC), जीत का अंतर 28.8%
- 1980जगन्नाथ मिश्रा (INC(I)), जीत का अंतर 51.6%
- 1985जगन्नाथ मिश्रा (INC), जीत का अंतर 71.5%
- 1990जगन्नाथ मिश्रा (INC), जीत का अंतर 39.2%
- 1995रामावतार चौधरी (JD), जीत का अंतर 23.1%
- 2000जगदीश नारायण चौधरी (RJD), जीत का अंतर 9.9%
- 2005 (फ़रवरी)नितीश मिश्रा (JD(U)), जीत का अंतर 18.4%
- 2005 (अक्टूबर)नितीश मिश्रा (JD(U)), जीत का अंतर 19.1%