झंझारपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
जगदीश नारायण चौधरी (RJD) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 33.7% वोट पाकर झंझारपुर सीट जीती और नितीश मिश्रा (BJC(R)) को 10,049 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 80 मधुबनी थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 80 बेनीपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जगदीश नारायण चौधरी | 34,31333.7% | |
| 2 | नितीश मिश्रा BJC(R) | BJC(R) | 24,26423.8% |
| 3 | वीरेन्द्र कु. चौधरी | 22,19621.8% | |
| 4 | केशव किशोर मिश्रा | 9,9109.7% | |
| 5 | अरविंद कुमार राय निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2293.2% |
| 6 | मैनुद्दीन अंसारी | 3,1983.1% | |
| 7 | लक्ष्मण राय CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 1,8121.8% |
| 8 | राम प्रसाद यादव AJBP | AJBP | 1,2811.3% |
| 9 | बद्री नाथ दास | 1,1621.1% | |
| 10 | भोला पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 4100.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 79% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.35 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
झंझारपुर से कौन जीता, 1977–2005
RJD ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह RJD की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1995 जितना ही रहा: 57.1%। इसके बाद 2005 (फ़रवरी) के चुनाव में यह सीट JD(U) ने जीती।
- 1977जगन्नाथ मिश्रा (INC), जीत का अंतर 28.8%
- 1980जगन्नाथ मिश्रा (INC(I)), जीत का अंतर 51.6%
- 1985जगन्नाथ मिश्रा (INC), जीत का अंतर 71.5%
- 1990जगन्नाथ मिश्रा (INC), जीत का अंतर 39.2%
- 1995रामावतार चौधरी (JD), जीत का अंतर 23.1%
- 2000जगदीश नारायण चौधरी (RJD), जीत का अंतर 9.9%
- 2005 (फ़रवरी)नितीश मिश्रा (JD(U)), जीत का अंतर 18.4%
- 2005 (अक्टूबर)नितीश मिश्रा (JD(U)), जीत का अंतर 19.1%