चतराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
जनार्दन पासवान (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 50.3% वोट पाकर चतरा सीट जीती और महेन्द्र सिंह भोगला (BJP) को 19,455 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 264 बेरमो थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 264 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — जनार्दन पासवान 24.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जनार्दन पासवान जनता दल | जनता दल | 40,23950.3% |
| 2 | महेन्द्र सिंह भोगला | 20,78426.0% | |
| 3 | कौशिल्या देवी वाम दल | वाम दल | 8,43110.5% |
| 4 | डॉ. नन्द किशोर प्रसाद | 2,9823.7% | |
| 5 | झमन सिंह CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 2,2122.8% |
| 6 | रामबुझावन रजक समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 2,0382.5% |
| 7 | बीरेश राम | 1,2621.6% | |
| 8 | दिलीप कु. रवि निर्दलीय | निर्दलीय | 9851.2% |
| 9 | संतन भुईयाँ JPP | JPP | 5270.7% |
| 10 | बागेश्वरी निर्दलीय | निर्दलीय | 4130.5% |
| 11 | बिलेश्वर राम पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 1930.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD, BJP और CPM को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.99 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चतरा से कौन जीता, 1977–2000
JD ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1990 के 40.3% से बढ़कर 40.9% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।