भाजपा का पहला बहुमत
क्या हुआ
एक नई पार्टी ने पहली बार राज्य विधान सभा की कमान संभाली, और अपने दम पर ज़बरदस्त बहुमत जीता।
भारतीय जनता पार्टी ने यह बहुमत पूरी तरह अपने दम पर हासिल किया।
उसने विधान सभा की 320 सीटों में से 220 सीटें जीतीं, यह एकतरफ़ा जीत थी।
विदा हो रही इंडियन नेशनल कांग्रेस घटकर सिर्फ़ 56 सीटों पर आ गई, जो सरकार की अगुवाई करने वाली पार्टी के लिए भारी गिरावट थी।
क्या बदला
यह राज्य में पार्टी की पहली बहुमत वाली सरकार थी, बरसों तक हर चुनाव में अपनी सीटें बढ़ाते जाने के बाद।
पिछले चुनाव में इसने सिर्फ़ 58 सीटें जीती थीं; इस बार इसने 220 जीतीं।
यानी एक ही चुनाव में 162 सीटों की बढ़त।
अहम आँकड़े
उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे कड़ा मुक़ाबला गुंडरदेही, मध्य प्रदेश में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 24 रहा।
दूसरी ओर, जोबट, मध्य प्रदेश में विजेता का जीत का अंतर 51.4% वोट रहा।
सबसे ज़्यादा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) वारासिवनी, मध्य प्रदेश में रहा, 77.3%।
पूरे राज्य का मतदान प्रतिशत 52.9% तक पहुँचा, जो राज्य के अपने इतिहास में तब तक का सबसे ऊँचा था।
पृष्ठभूमि
पार्टी की जीत से राज्य सरकार के शीर्ष पर नेतृत्व भी बदला।